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एक और झटका, अब जुलाई के मुकाबले अगस्त में बेरोजगारी दर में इजाफा

उम्मीद की जा रही थी कि धीरे-धीरे आंकड़े और बेहतर होंगे. लेकिन अगस्त के आंकड़ों ने एक बार फिर निराश किया है. जुलाई के मुकाबले अगस्त में रोजगार के अवसर घटे हैं.

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रोजगार के मोर्चे पर झटका
रोजगार के मोर्चे पर झटका
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अगस्त के आंकड़ों ने एक बार फिर किया निराश
  • अगस्त में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी दर्ज की गई
  • अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर 9.83 फीसदी दर्ज की गई

रोजगार में मोर्चे पर जून के मुकाबले जुलाई में बेहतर आंकड़े सामने आए थे. उम्मीद की जा रही थी कि धीरे-धीरे आंकड़े और बेहतर होंगे. लेकिन अगस्त के आंकड़ों ने एक बार फिर निराश किया है. जुलाई के मुकाबले अगस्त में रोजगार के अवसर घटे हैं.

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देश में रोजगार के अवसर घटे हैं, इस बात का खुलासा सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में किया है. ताजा डेटा से पता चलता है कि अगस्त में बेरोजगारी की दर बढ़ी है. आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी दर्ज की गई. जबकि पिछले महीने जुलाई में इससे कम 7.43 फीसदी थी. 

रोजगार के मोर्चे पर झटका

अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर 9.83 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 7.65 फीसदी रहा. जुलाई में शहरी बेरोजगारी दर 9.15 फीसदी थी, और ग्रामीण बेरोजगारी दर 6.6 फीसदी थी. 

दरअसल अनुमान लगाया जा रहा है कि जैसे-जैसे अनलॉक की तरफ देश बढ़ेगा, रोजगार की स्थिति और बेहतर होगी. लेकिन अगस्त में आंकड़े बेहतर नहीं आए हैं. इससे पहले कुल बेरोजगारी दर जून में 10.99 फीसदी पर पहुंच गई थी.

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जुलाई के मुकाबले अगस्त में रोजगार घटे

गौरतलब है कि जून के मुकाबले जुलाई में शहरी और ग्रामीण दोनों ही बेरोजगारी दरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी. जुलाई में शहरी बेरोजगारी दर घटकर 9.15 फीसदी रह गई थी, जो जून में 12.02 प्रतिशत थी. जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर जून में 10.52 प्रतिशत से घट कर जुलाई में 6.66 प्रतिशत रह गई थी.

गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है, जो अच्छे संकेत नहीं है. हालांकि तमाम रिपोर्ट में आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे सुधरने का अनुमान लगाया गया है.

 

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