भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था (Indian Economy) बना हुआ है और ये तमगा आगे भी देश के सिर सजा रह सकता है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ तक तमाम वैश्विक एजेंसियों ने इस बाद पर अपनी मुहर लगाई है. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने एक कार्यक्रम में चौथी तिमाही में जीडीपी को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी सही ट्रैक पर दौड़ रही है और देश का सकल घरेलू उत्पाद (India GDP) मार्च तिमाही के दौरान 8% की दर से आगे बढ़ सकती है.
मुंबई में वित्त मंत्री ने जताई उम्मीद
मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जीडीपी को लेकर ये अनुमान जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि 31 मार्च को समाप्त तिमाही में देश का ग्रोथ रेट 8 फीसदी या उससे ज्यादा रफ्तार से बढ़ता नजर आ रहा है. वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि चौथी तिमाही में भी भारत की जीडीपी 8 या इससे ज्यादा रहेगी. इस तरह वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी में औसत वृद्धि 8 फीसदी से ज्यादा होगी.
तीसरी तिमाही में दिखी थी तूफानी रफ्तार
गौरतलब है कि बीती तीसरी तिमाही में इंडियन इकोनॉमी 8 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ी थी. फरवरी महीने के अंत में सरकार के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में जीडीपी (India Q3 GDP) तूफानी तेजी से आगे बढ़ी थी और इसे लेकर जारी किए गए सभी पूर्वानुमान फेल हो गए थे. दरअसल, तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 8.4% की दर से हुई थी. देश में मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज और सरकारी खर्च में तेजी के चलते GDP की रफ्तार और तेज हुई. इससे पिछली तिमाही में GDP Growth 7.6 फीसदी रही थी.
RBI की वित्त मंत्री के अनुमान पर मुहर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने मार्च बुलेटिन में वित्त मंत्री सीतारमण के अनुमान को दोहराया, जब उसने कहा कि देश 8 फीसदी की सालाना सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि को बनाए रख सकता है और अनुकूल व्यापक आर्थिक विन्यास देश के ग्रोथ ट्रैक में एक कदम आगे बढ़ाने के लिए लॉन्चिंग पैड बन सकता है. केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा के नेतृत्व वाली एक टीम द्वारा लिखे गए लेख में कहा गया है कि जहां भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) अपनी गति खो रही है, कुछ सबसे लचीली अर्थव्यवस्थाओं में विकास धीमा हो रहा है. 2021 से 2024 के बीच देश की GDP की वृद्धि औसतन 8 फीसदी से ऊपर रही है.
31 मई को जारी किया जाएंगे आंकड़े
जनवरी-मार्च तिमाही के लिए भारत की जीडीपी के आंकड़े आने वाली 31 मई 2024 को जारी किए जाएंगे. एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में साल-दर-साल 8.4 फीसदी बढ़ी, जो पिछली तिमाही में दर्ज 7.6 फीसदी की वृद्धि से अधिक रही थी. नवीनतम सरकारी अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 31 मार्च तक भारत की अर्थव्यवस्था इसी तेज रफ्तार से दौड़ने की उम्मीद है. बता दें कि आईएमएफ (IMF) ने उम्मीद जताई है कि भारत वैश्विक ग्रोथ में 16 फीसदी का योगदान दे सकता है, जो कि बाजार विनिमय दरों के मामले में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा होगा.