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भारत वाला फॉर्मूला अमेरिका में... First Republic Bank को बचाने के लिए Yes Bank जैसा प्लान!

US Bank Crisis: अमेरिका में पैदा हुए बैंकिंग संकट के बीच बैंक ऑफ अमेरिका (BoA), सिटी ग्रुप (Citi Group) और जेपी मॉर्गन चेस (JP Morgan Chase) समेत 11 यूएस बेस्ड प्राइवेट बैंकों के संघ First Republic Bank को बचाने के लिए इसमें 30 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया गया है.

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भारत में यस बैंक को बचाने के लिए एकजुट हुए थे बड़े बैंक
भारत में यस बैंक को बचाने के लिए एकजुट हुए थे बड़े बैंक

अमेरिका में बैंकिंग संकट (US Bank Crisis) गहराने लगा है और इस क्राइसिस से बचने के लिए तमाम प्रयास भी किए जा रहे हैं. पहले सिलिकॉन वैली और फिर सिग्नेचर बैंक पर ताला लगने के बाद First Republic Bank का भी बुरा हाल है. बीते दिनों इसके शेयरों में 60% तक की भारी गिरावट देखने को मिली. इसे बचाने के लिए US Banking Sector अब भारत के फॉर्मूले पर काम कर रहा है. देश के सबसे बड़े बैंकों ने फर्स्ट रिपब्लिक बैंक को बचाने के लिए इसमें 30 अरब डॉलर का निवेश किया है. 

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11 बैंक करेंगे 30 अरब डॉलर इन्वेस्ट
अमेरिकी लैंडर्स ने Silicon Valley और Signature बैंक डूबने से सबक लेते हुए अब फर्स्ट रिपब्लिक को बचाने के लिए ये खास कदम उठाया है. इसके तहत बैंक ऑफ अमेरिका (BoA), सिटी ग्रुप (Citi Group) और जेपी मॉर्गन चेस (JP Morgan Chase) समेत 11 यूएस बेस्ड प्राइवेट बैंकों के संघ First Republic Bank में 30 अरब डॉलर जमा करने का फैसला किया गया है. 

Yes Bank संकट के समय उठाया था ये कदम
बात करें अमेरिकी बैंकों के इस कदम के भारतीय फॉर्मूले से कनेक्शन की, तो बता दें यस बैंक (Yes Bank) संकट के दौरान देश में बड़े बैंकों ने कुछ इसी तरह का कदम उठाया था. संकट से जूझते बैंक को बचाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में बनी रेस्क्यू स्कीम में शामिल होने वाले बैंकों ने यस बैंक में बड़ा निवेश किया था. एसबीआई ने 6050 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक ने 1000 करोड़ रुपये, एक्सिस बैंक ने 600 करोड़ और कोटक महिंद्रा बैंक 500 करोड़ रुपये का निवेश किया था. 

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इस बचाव कार्यक्रम के जरिए यस बैंक को दिवालिया होने और बैंकिंग सिस्टम को किसी भी तरह के सिस्टेमैटिक रिस्क से बचाने के लिए मार्च 2020 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, फेडरल बैंक, बंधन बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक ने संयुक्त रूप से 10,000 करोड़ रुपये का इनवेस्ट किया था. बंधन बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने भी यस बैंक को बचाने में अपनी भूमिका निभाते हुए क्रमश: 300 करोड़ और 250 करोड़ रुपये निवेश किए थे. 

इस तरह बड़े बैंक करेंगे निवेश
First Republic Bank को डूबने से बचाने के लिए बैंक ऑफ अमेरिका, सिटी ग्रुप, जेपी मॉर्गन चेस और वेल्स फारगो में हर एक 5 अरब डॉलर, जबकि अन्य अपने हिसाब से 2.5 और 1 अरब डॉलर की राशि इन्वेस्ट करने जा रहा है. गौरतलब है कि अमेरिका में बैंकिंग संकट गहराने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में Bank Stocks पर दिखाई दे रहा है. इसकी आंच अमेरिका तक सीमित न रहते हुए यूरोप में भी पहुंच चुकी है और क्रेडिट सुइस बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. हालांकि, क्रेडिट सुइस की मदद के लिए भी स्विस नेशनल बैंक ने उसे 50 अरब डॉलर से ज्यादा की उधारी (शॉर्ट टर्म लोन) देने पर मुहर लगाई, जिसके बाद क्रेडिट सुइस के शेयरों में फिर उछाल देखने को मिला. 

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बैंकों के साथ स्टार्टअप्स पर असर
US Bank Crisis का असर सिर्फ दुनिया के बैंकिंग सेक्टर पर ही नहीं, बल्कि स्टार्टअप्स पर भी पड़ रहा है. बीते दिनों जारी की गई एक रिपोर्ट में ये अनुमान जताया गया है कि सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) के दिवालिया होने के बाद दुनियाभर के करीब 10,000 से ज्यादा स्टार्टअप्स पर असर हो सकता है. भारत में भी इसके प्रभाव से पैदा हुई चिंता को लेकर बीते दिनों आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक वर्चुअल बैठक करते हुए स्टार्टअप्स के साथ चर्चा की थी और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया था. 

 

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