कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल के दाम में उछाल की वजह से अप्रैल, 2021 में थोक महंगाई अब तक के रिकॉर्ड 10.49 फीसदी तक पहुंच गई है. मार्च, 2021 की तुलना में इसमें करीब 7.39 फीसदी की बढ़त हुई है.
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में थोक महंगाई सिर्फ 3.1 फीसदी थी. इसी तरह फरवरी में थोक महंगाई 4.17 फीसदी थी.
पेट्रोल-डीजल के दाम में जबरदस्त बढ़त
गौरतलब है कि इसके पहले महंगाई रिजर्व बैंक के सुविधाजनक दायरे 4 से 6 फीसदी के भीतर रही है. लेकिन अब इस रिकॉर्ड आंकड़े से रिजर्व बैंक और सरकार की चिंता बढ़ जाएगी. इसके पहले फरवरी में थोक महंगाई 4.17 फीसदी और जनवरी 2021 में थोक महंगाई 2.51 फीसदी के स्तर पर थी.
अप्रैल में पेट्रोल के दाम में 42.37 फीसदी, डीजल के दाम में 33.82 फीसदी और रसोई गैस के दाम में 20.34 फीसदी की जबरदस्त बढ़त हुई है.
वाणिज्य मंत्रालय ने क्या कहा
वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया, 'अप्रैल 2021 में थोक मूल्य आधारित WPI मुद्रास्फीति 10.49 फीसदी रही. अप्रैल 2021 में यह सालाना महंगाई दर ज्यादा इस वजह से है क्योंकि कच्चे तेल, खनिज तेल जैसे पेट्रोल-डीजल आदि के दाम बढ़े हैं. इसी तरह मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों के दाम भी बढ़े हैं.'
मार्च की तुलना में अप्रैल में प्राथमिक वस्तुओं जैसे धातुओं, कच्चे तेल एवं गैस, खाद्य वस्तुओं और गैर खाद्य वस्तुओं के दाम 3.83 फीसदी बढ़े हैं. गौरतलब है कि अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य आधारित यानी खुदरा महंगाई में बढ़त सिर्फ 4.29% हुई थी. मार्च में खुदरा महंगाई 5.52 फीसदी थी.
सब्जियों के दाम में गिरावट
अप्रैल में Primary Articles की थोक महंगाई मार्च के 6.40 फीसदी से बढ़कर 10.16 फीसदी रही. वहीं, सब्जियों की थोक महंगाई मार्च के 5.19 फीसदी के मुकाबले -9.03 फीसदी पर रही, यानी इनके दाम में गिरावट आई है. प्याज के दाम में भी 19.72 फीसदी की गिरावट आई है.
अप्रैल में दालों की महंगाई दर में गिरावट देखने को मिली है और ये मार्च के 13.14 फीसदी से घटकर 10.74 फीसदी पर आ गई है. अप्रैल में दूध की महंगाई मार्च के 2.65 फीसदी से घटकर 2.04 फीसदी पर रही है. वहीं, अंडा, मीट, मछली की महंगाई मार्च के 5.38 फीसदी से बढ़कर 10.88 फीसदी रही है.