केंद्र सरकार आत्मनिर्भर योजना के तहत देश में तमाम तरह की मैन्यूफैक्चरिंग (Manufacturing) को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है, जिसमें सेमीकंडक्टर (Semiconductor) भी शामिल है. भारत में चिप (Chip) की कमी की वजह से गाड़ियों की बिक्री पर ब्रेक लग गया है, जिससे ऑटो इंडस्ट्री (Auto Industry) की परेशानी बढ़ गई है.
Semiconductor Plant in India: इस दिशा में सरकार ने 15 दिसंबर को देश में सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) और डिस्प्ले बोर्ड के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PIL) योजना को मंजूरी दी थी. इस बीच खबर है कि फैबलेस चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी Intel भारत में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए एक यूनिट लगा सकती है.
Intel भारत में यूनिट लगाने को तैयार
Intel के इस कदम को भारत सरकार के हालिया ऐलान से जोड़कर देखा जा रहा है. सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन और इससे संबंधित रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए बड़े ऐलान किए हैं. वहीं Intel के स्वागत में आईटी और इलेक्ट्रोनिक्स मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) का ट्वीट सामने आया है. उन्होंने Intel का स्वागत करते हुए लिखा है 'Intel - welcome to India.'
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इंटेल फाउंड्री सर्विसेज के अध्यक्ष रणधीर ठाकुर के एक पोस्ट के बाद भारत में इंटेल का 'स्वागत' करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया. रणधीर ठाकुर ने अपनी पोस्ट में भारत सरकार द्वारा हाल में घोषित सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण नीति की तारीफ की थी.
चिप की कमी से संकट में ऑटो सेक्टर
यह घोषणा ऐसे वक्त में हुई, जब इलेक्ट्रॉनिक चिप की दुनिया भर में कमी है और कई सेमीकंडक्टर कंपनियां अपनी क्षमता को बढ़ा रही हैं. सरकार को उम्मीद है कि सेमी-कंडक्टर प्लांट भारत में लगने से करीब 1.35 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को ट्वीट किया, 'इंटेल - भारत में आपका स्वागत है. यह ट्वीट, इंटेल के ठाकुर के एक ट्वीट के जवाब में था. जिसमें लिखा था, 'इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण प्रोत्साहन के लिए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजीव चंद्रशेखर को बधाई.'