
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष (Israel-Palestine Conflict) में बड़ी तबाही देखने को मिल रही है. जहां फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के हमलों (Hamas Attack) ने इजरायल में भारी नुकसान किया है, तो इजरायली अटैक में ध्वस्त गाजा पट्टी (Gaza Patti) की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. भले आर्थिक और तकनीकी रूप से समृद्द देश माने जाने वाले इजराइल को हमास आतंकी बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हों, लेकिन फाइनेंशियल स्तर पर फिलिस्तीन, इजरायल के सामने कहीं नहीं टिकता है. दोनों देशों की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में जमीन-आसमान का अंतर है. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
इजरायल-फिलिस्तीन की GDP में फासला
Israel-Hamas War में भले ही दोनों ओर से रॉकेटों की बौछार हो रही है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर देखें तो जंग से नुकसान का असर सबसे ज्यादा फिलिस्तीन पर ही होता दिख रहा है. इसका बड़ा कारण ये है कि इजरायल इकोनॉमी (Israel Economy) के मामले में उससे कहीं ज्यादा बड़ा है. दोनों देशों की जीडीपी का अंतर इनकी वित्तीय ताकत को आसानी से दर्शाता है. एक ओर जहां फिलीस्तीन की जीडीपी (Palestine GDP) का आकार लगभग 19 अरब डॉलर है, तो वहीं दूसरी ओर इजरायल की जीडीपी आईएमएफ के मुताबिक, 2023 में अनुमानित, 564 अरब डॉलर के करीब है.
Israel तकनीक के मामले में अव्वल
इजरायल को दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिना जाता है. न केवल जीडीपी में फासले को लेकर फिलिस्तीन इजरायल से बहुत पीछे है, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी ये कहीं नहीं टिकता है. गौरतलब है कि तकनीक के मामले में जबरदस्त ग्रोथ करते हुए इजरायल अमेरिका और चीन जैसे देशों को टक्कर देता है. एजुकेशन से लेकर प्रति व्यक्ति आय समेत अन्य मानव विकास सूचकांक संकेतकों के मामले में ये बहुत विकसित देश है. इजरायल की प्रति व्यक्ति जीडीपी करीब 58,270 डॉलर है. वहीं फिलिस्तीन में ये आंकड़ा महज 3,789 डॉलर है.
निर्यात से इकोनॉमी को बड़ा सपोर्ट
इजरायल की इकोनॉमी को निर्यात के माध्यम से बड़ा सपोर्ट मिलता है, जो इसे एक उन्नत मार्केट इकोनॉमी के तौर पर पेश करता है. इसका सबसे बड़ा निर्यातक देशों में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, भारत और आयरलैंड शामिल हैं. इन सभी देशों को इजरायल कटे हुए हीरे, हाई टेक्निक इक्विपमेंट, फॉर्मास्युटिकल्स, मोती और कीमती पत्थर, ऑटोमोटिव डीजल, केमिकल एंड मिनरल प्रोडक्ट्स, मशीनरी, प्लास्टिक, समेत अन्य सामान बेचता है. साल 2022 में इजरायल का एक्सपोर्ट 7,358 करोड़ डॉलर रहा था.
फिलिस्तीन के एक्सपोर्ट का ये है आंकड़ा
अब बात करें फिलिस्तीन के व्यापारिक डाटा की, तो इसका आंकड़ा इजरायल से कोसों दूर है. देश खजूर, वर्जिन जैतून तेल, बेस मेटल्स से बनी चीजों का सबसे ज्यादा निर्यात करता है. इसके साथ ही बिल्डिंग स्टोन्स, प्लास्टिक लिड्स और फर्नीचर का निर्यात भी किया जाता है. फिलिस्तीन के सामान को खरीदने वाले आयातक देशों की बात करें तो इनमें इजिप्ट, जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब शामिल हैं. साल 2022 के आंकड़ों के मुताबिक, जहां इजरायल ने 7,358 करोड़ डॉलर का निर्यात किया था, तो वहीं फिलिस्तीन का एक्सपोर्ट 135 करोड़ करोड़ डॉलर रहा था.
इजरायल के सहारे फिलिस्तीनी इकोनॉमी
अब सबसे खास बात, वो ये है कि फिलिस्तीन की इकोनॉमी में एक अहम रोल उसका दुश्मन बना इजरायल ही निभाता है. मतलब ये है कि फिलिस्तीन की ओर से निर्यात किए जाने वाले सामान का ज्यादातर हिस्सा जॉर्डन-यूएई जैसे देश नहीं, बल्कि इजरायल ही खरीदता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, Building Stone, Plastic Lids, Furnitures समेत अन्य सामानों का 80 फीसदी के करीब इजरायल ही आयात करता है. OeC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में 1.17 अरब डॉलर का निर्यात किया था. फिलिस्तीन की ओर से इजरायल को किए जाने वाले निर्यात का आंकड़ा 2007 से 2021 के बीच तेजी से बढ़ा है. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2007 में निर्यात का ये डाटा महज 454 मिलियन डॉलर था.
क्या हैं युद्ध के ताजा हालात?
इन आंकड़ों को देखकर दोनों देशों की ताकत का अंदाजा आसानी से लग जाता है. वहीं Israel-Hamas War के ताजा हालात की बात करें, तो हमास के हमले का करारा जवाब देते हुए इजरायल ने गाजा में भारी तबाही मचाई है और Hamas के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है. गाजा को इजरायल के करीब 3 लाख जवानों ने घेरा हुआ है, जो किसी भी समय चढ़ाई शुरू कर सकते हैं. गाजा में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है.