शेयर बाजार निवेशकों के लिए जनवरी का महीना आसान नहीं रहा है. यह एक ऐसा महीना है जो लगातार निगेटिव रिटर्न के लिए जाना जाता रहा है. इस बार भी जनवरी कई कारणों के कारण निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा सकता है और गिरावट आ सकती है.
दरअसल, 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे, जिससे ग्लोबल मार्केट के सेंटिमेंट प्रभावित हो सकते हैं. वहीं घरेलू बजट अनुमान और फेड रिजर्व की ओर से रेट कटौती का फैसला भी जनवरी में मार्केट को प्रभावित कर सकता है.
अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में आक्रामक कटौती में संभावित देरी की जाती है और 1 फरवरी को आने वाले घरेलू केंद्रीय बजट में कुछ खास ऐलान किए जाते हैं तो घरेलू इक्विटी मार्केट (Stock Market) को एक पॉजिटिव नजरिया मिल सकता है.
20 में से 13 साल तक जनवरी में हुई गिरावट
ऐतिहासिक डेटा से पता चलता है कि जनवरी में पिछले 20 मौकों में से 13 पर NSE निफ्टी 50 इंडेक्स में गिरावट आई है. 2019 से जनवरी में इंडेक्स में लगातार छह बार गिरावट देखी गई है. ऐसे में दलाल स्ट्रीट के विश्लेषक कई घटनाओं को देखते हुए निकट अवधि के लिए सतर्क दिख रहे हैं. चॉइस ब्रोकिंग के सहायक उपाध्यक्ष जथिन कैथावलप्पिन ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारतीय शेयर बाजारों में सतर्कता की उम्मीद है.
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक जी चोकालिंगम का मानना है कि 2025 की पहली छमाही भारतीय इक्विटी बाजार कमजोर रहेगी. उन्होंने कहा कि कमजोर रुपया, यूएस फेड और आगामी बजट से भारतीय इक्विटी में FII निवेश की वापसी में देरी बड़ी वजह रहेंगी. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2024 में 26 दिसंबर तक इक्विटी में सिर्फ 3,459 करोड़ रुपये डाले, जबकि अक्टूबर और नवंबर में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे. इससे पहले उन्होंने 2023 में 1.71 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे.
साल 2024 में कुछ ऐसी रही निफ्टी की चाल
कुल मिलाकर कैलेंडर वर्ष की अंतिम तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारी निकासी के बावजूद साल 2024 में तेजी रही है. एनएसई निफ्टी50 ने 27 दिसंबर 2024 तक इस साल अबतक करीब 10 फीसदी की बढ़त हासिल की है. दूसरी ओर इस अवधि में निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स ने 23 और 26 फीसदी चढ़ा है.
कैसे मिलेंगे अच्छे रिटर्न?
नए साल पर अपने विचार रखते हुए SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज के डायरेक्टर और CEO अजय गर्ग ने कहा, 'Nifty 50 के 2025 में 28,000 अंक को पार करने की उम्मीद है. बदले में मौजूदा बाजार में गिरावट कम कीमत पर कुछ उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक चुनने का एक अच्छा अवसर है. कम खरीदें और अधिक बेचें" दृष्टिकोण अपनाने से 2025 में अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं.' गर्ग ने आगे कहा कि बीएफएसआई, एफएमसीजी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र 2025 में शानदार रिटर्न दे सकते हैं.
जुलाई-सितंबर 2024 में जहां कई क्षेत्रों में इनकम में सुस्ती देखी गई है, वहीं बीएफएसआई क्षेत्र की कुल आय में साल-दर-साल आधार पर 16% की वृद्धि हुई है, जबकि बुनियादी ढांचा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में कुल आय में 12.9% की वृद्धि देखी गई.
(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)