भारतीय रिजर्व बैंक ने कोटक महिंद्रा बैंक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नए कस्टमर्स को ऑनलाइन जोड़ने से रोक दिया है. साथ ही क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जारी करने की भी अनुमाति नहीं है. हालांकि पुराने कस्टमर्स के लिए कोई प्रतिबंध लागू नहीं है. कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) भारत के बड़े बैंकों में से एक है, जिसे शुरू करने वाले उदय कोटक देश के सबसे सफल अमीर बैंकर माने जाते हैं.
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कोटक महिंद्रा बैंक पर बड़ी कार्रवाई करने के बाद इस बैंक के शेयर (Kotak Mahindra Bank Share) भरभराकर टूट गए और गुरुवार को 10 फीसदी से ज्यादा गिरकर 1663 रुपये पर पहुंच गए. पिछले दो दिन में कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर करीब 12 फीसदी गिर चुके हैं. आज यह 1 फीसदी गिरकर 1,625.45 रुपये पर कारोबार कर रहा है.
उदय कोटक को हुआ तगड़ा नुकसान
कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भारी गिरावट के कारण फाउंडर और नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर उदय कोटक की संपत्ति (Uday Kotak Networth) में तगड़ा नुकसान हुआ है. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ में गुरुवार को 1.3 अरब डॉलर यानी करीब 10328 करोड़ रुपये की कमी आई है. उनकी कुल नेटवर्थ अब 13.1 अरब डॉलर रह गई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 155वें नंबर पर खिसक गए हैं.
कोटक महिंद्रा बैंक के मार्केट कैप में गिरावट
कोटक महिंद्रा बैंक में उदय कोटक की कुल 26 फीसदी हिस्सेदारी है और 24 अप्रैल तक इनकी कुल संपत्ति ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स पर 14.4 अरब डॉलर थी. शेयरों में गिरावट के साथ ही बैंक का मार्केट कैप 39,768.36 करोड़ रुपये घटकर 3,26,615.40 करोड़ रुपये रह गया, जिस कारण यह मार्केट कैप के हिसाब से अब खिसकर 5वें नंबर पर आ चुका है. इससे आगे एक्सिस बैंक है.
उदय कोटक ने 1985 में रखी थी नींव
कोटक महिंद्रा बैंक साल 1985 में अस्तित्व में आया था, जिसकी शुरुआत उदय कोटक ने की थी. अपनी कड़ी मेहनत के दाम पर इन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक को फर्श से अर्श पर पहुंचाया. हालांकि बीते 1 सितंबर 2023 को उन्होंने मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था. अब वे बैंक से गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं.