सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) जल्द ही लॉन्च होने वाला है. सरकार इस आईपीओ के माध्यम से एलआईसी में अपनी 5 से 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है. यह इतिहास के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होने वाला है. इतना ही नहीं, इस रिकॉर्ड आईपीओ के बाद एलआईसी शेयर मार्केट में लिस्टेड सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन सकती है. इसका वैल्यूएशन रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और टीसीएस (TCS) के आस-पास रहने का अनुमान है.
इतनी है एलआईसी की Embedded Value
प्रस्तावित आईपीओ से पहले एलआईसी की Embedded Value करीब 11.15 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. दूसरी ओर अभी शेयर मार्केट में लिस्टेड सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यूएशन 16 लाख करोड़ रुपये है. भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी टीसीएस का एमकैप 13.8 लाख करोड़ रुपये है. यदि एलआईसी का वैल्यूएशन Embedded Value की तर्ज पर हुआ तो यह रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन सकती है.
अनुमान से कम वैल्यूएशन के बाद भी बनेगी तीसरी बड़ी कंपनी
हालांकि कुछ एनालिस्ट आशंका जता रहे हैं कि सरकार एलआईसी की वैल्यूएशन अनुमान से कम भी रख सकती है. इसकी वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपये से कम आंके जाने की आशंकाएं हैं. अगर ऐसा हुआ तब भी एलआईसी भारत की तीसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन जाएगी. एलआईसी की वैल्यू कम आंके जाने के पीछे का कारण यह है कि अभी उसके फंड्स में कम मार्जिन वाले बिजनेस की ज्यादा हिस्सेदारी है.
नए साल में बना रहेगा आईपीओ मार्केट में बूम
उल्लेखनीय है कि 2021 आईपीओ बाजार के लिए ऐतिहासिक साल साबित हुआ. करीब 65 आईपीओ के जरिए कंपनियों ने ओपन मार्केट से 1.3 लाख करोड़ रुपये का फंड जुटाया. आईपीओ मार्केट का यह बूम इस साल भी जारी रहने वाला है. एलआईसी के रिकॉर्ड आईपीओ के अलावा डेल्हीवरी, ओयो, ओला, फार्मईजी, बजाज एनर्जी, गो एयरलाइंस, मोबिक्विक, इक्सिगो, एनएसई, एनएसडीएल और अडानी विल्मर जैसे आईपीओ 2022 में आने वाले हैं. इनमें कइयों का आईपीओ 5 हजार करोड़ से अधिक का रहने वाला है. इस तरह 2022 में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ लाए जाने के अनुमान हैं.