लुसेंट इंडस्ट्रीज के शेयरों ने लॉन्ग टर्म में निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया है. सिर्फ 11 महीने में ही इस शेयर ने निवेशकों को 10 गुना और चार साल के दौरान 51 गुना रिटर्न दिया है. ऐसे में अगर किसी ने 1 लाख रुपये भी निवेश किया होता तो 1 लाख रुपये का निवेश चार साल में 51 लाख रुपये और एक साल में 10 लाख रुपये से अधिक हो गया होता.
अब लुसेंट इंडस्ट्रीज (पूर्व नाम सिल्फ एडुकेशन सॉल्यूशंस लिमिटेड) अपना विस्तार कर रही है. कंपनी ने 17 फरवरी को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है. 24 फरवरी को कंपनी के बोर्ड मीटिंग में इसका फैसला होगा. शेयरों की बात करें तो आज बीएसई पर यह 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ 595.00 रुपये (Lucent Industries Share Price) पर बंद हुआ.
कंपनी का क्या है पूरा प्लान?
लुसेंट इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक एआई से लैस प्रोग्रामैटिक और डिजिटल ग्रोथ मार्केटिंग टेक कंपनी मोबावेन्यू (Mobavenue) का विलय होगा. यह कंपनी विज्ञापन और मार्केटिंग को लेकर एआई से लैस तकनीकी सॉल्यूशंस प्रोवाइड कराती है. इसके कस्टमर्स की बात करें तो लिस्टेड कंपनियों से लेकर स्टार्टअप तक हैं. गेमिंग, बीएफएसआई, फिनटेक, ई-कॉमर्स,, रिटेल और अन्य डिजिटल बिजनेसेज सेक्टर में यह टेक्निकल सॉल्यूशन प्रोवाइडर है.
कंपनी की शेयर हिस्ट्री
लुसेंट इंडस्ट्रीज के शेयरों ने तगड़े बढ़ोतरी के साथ निवेशकों के पैसे को डबल किया है. पिछले साल 21 मार्च 2024 को यह 61.19 रुपये पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का निचला स्तर है. इस निचले स्तर से 11 महीने से कम समय में यह 962 फीसदी से अधिक उछलकर 4 फरवरी 2025 को 650.00 रुपये पर पहुंच गया था. यह इस शेयर का रिकॉर्ड हाई लेवल है.
1 लाख को बनाया 54 लाख
लुसेंट इंडस्ट्रीज के शेयर अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से 8 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. वहीं लॉन्ग टर्म में बात करें तो 3 मार्च 2021 को यह 11.64 रुपये के भाव पर था यानी कि मौजूदा भाव के हिसाब से निवेशक 5484 फीसदी मुनाफा है. ऐसे में अगर किसी ने चार साल पहले 1 लाख रुपये का निवेश किया होता तो निवेशकों के 1 लाख रुपये 54 लाख रुपये से अधिक हो गया होता.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)