कोरोना संकट के बावजूद इस साल केंद्र सरकार के टैक्स कलेक्शन (Government Tax Collection) में शानदार बढ़त हुई है. इस वित्त वर्ष में एक अप्रैल से 22 सितंबर के बीच नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 74.4 फीसदी बढ़ गया है. यह कोरोना से पूर्व काल यानी 2019-20 में इसी अवधि में हुए नेट टैक्स कलेक्शन से भी ज्यादा है.
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 के एक अप्रैल से 22 सितंबर के दौरान सरकार का नेट टैक्स कलेक्शन 5.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. इसमें कॉरपोरेट टैक्स यानी कंपनी कर 3.02 लाख करोड़ रुपये और पर्सनल इनकम टैक्स (व्यक्तिगत आयकर) 2.67 लाख करोड़ रुपये शामिल है.
वित्त वर्ष 2021-22 के एक अप्रैल से 22 सितंबर के दौरान ग्रॉस यानी सकल कर संग्रह 47 प्रतिशत बढ़कर 6.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था. सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टैक्स रिफंड के समायोजन के बाद नेट टैक्स कलेक्शन यानी शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 5,70,568 करोड़ रुपये रहा. पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में (अप्रैल-22 सितंबर) इसी अवधि में शुद्ध कर संग्रह 3.27 लाख करोड़ रुपये रहा था.
Gross Direct Tax collections for FY 2021-22, as on 22.09.2021, at Rs. 6.46 lakh crore register a growth of 47% over collections of the corresponding period in the preceding year.
Net Direct Tax collections at Rs. 5.71 lakh crore have grown at over 74% in the same period. pic.twitter.com/5O4EkPJ9f4
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) September 24, 2021
कोरोना पूर्व काल से भी ज्यादा
खास बात यह है कि यह कलेक्शन कोरोना से पूर्व काल यानी 2019-20 में इसी अवधि में हुए नेट टैक्स कलेक्शन 4.48 लाख करोड़ से भी 27 फीसदी ज्यादा है. टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी सरकार के लिए काफी राहत की बात है क्योंकि कोरोना संकट से निपट रहे देश में कल्याणकारी योजनाओं और टीकाकरण के लिए लगातार खर्च करने की जरूरत है.
लक्ष्य के 58 फीसदी तक ले लिया उधार
इस दौरान सरकार ने उधारी भी अच्छी ली है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सरकार ने इसके लिए बजट में तय राशि का करीब 58 फीसदी तक उधार अब तक यानी छह महीने में ले लिया है. सरकार ने बाजार में 7.02 लाख करोड़ रुपये की डेट सिक्योरिटी जारी कर पैसा जुटाया है. इस पूरे वित्त वर्ष में करीब 12.05 लाख करोड़ रुपये का उधार लेने का लक्ष्य है.