Tax on Petrol-Diesel: केंद्र सरकार ने पिछले तीन वित्त वर्षों में पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) पर टैक्स से लगभग 8.02 लाख करोड़ रुपये की कमाई की है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी है. इसमें से अकेले वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर करों (Texas on Petrol-Diesel) से 3.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं.
बता दें कि वित्त मंत्री ने पिछले तीन वर्षों के दौरान पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) पर एक्साइड ड्यूटी में बढ़ोतरी और ईंधन पर लगने वाले टैक्स से अर्जित राजस्व के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब दे ये जानकारी दी.
सीतारमण ने (मंगलवार) 15 दिसंबर 2021, को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी 05 अक्टूबर, 2018 के 19.48 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 04 नवंबर, 2021 को 27.90 रुपये प्रति लीटर हुई. इस दौरान डीजल (Diesel) पर शुल्क 15.33 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 21.80 रुपये हो गया.
वहीं, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी 05 अक्टूबर, 2018 के 19.48 रुपये प्रति लीटर से घटकर 06 जुलाई, 2019 तक 17.98 रुपये रही. इसके अलावा इस दौरान डीजल पर उत्पाद शुल्क 15.33 रुपये से घटकर 13.83 रुपये रह गया.
पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise duty) 02 फरवरी, 2021 तक बढ़ते हुए 32.98 रुपये और 31.83 रुपये हो गया था. इसके बाद फिर चार नवंबर, 2021 को 27.90 रुपये प्रति लीटर (पेट्रोल) और 21.80 रुपये (डीजल) तक आ गया.
सीतारमण ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) से वर्ष 2018-19 में 2,10,282 करोड़ रुपये, वर्ष 2019-20 में 2,19,750 करोड़ रुपये और वर्ष 2020-21 में 3,71,908 करोड़ रुपये एकत्रित हुए.
बता दें कि चार नवंबर 2021 को दिवाली से ठीक एक दिन पहले सरकार ने पेट्रोल (Petrol) पर पांच रुपये जबकि डीजल (Diesel)पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इसके बाद कई राज्यों ने पेट्रोल और डीजल दोनों ईंधनों पर लगने वाला VAT घटाया. केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी घटाए जाने के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.