
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की करीब 18,170.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. ईडी ने इनमें से 9371.17 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकार और सरकारी बैंकों को सौंप दी है. इन तीनों ने अपनी कंपनियों के जरिए बैंकों से धोखाधड़ी की और इससे बैंकों को 22,586.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
इस तरह ईडी ने बैंकों को हुए नुकसान के करीब 80 फीसदी के बराबर की संपत्ति जब्त कर ली है. सीबीआई की एफआईआर के अनुसार ईडी ने तुरंत कार्रवाई की और देश-विदेश में हुए लेनदेन तथा विदेश में संपत्ति का पता लगाया. जांच से पता चला कि इन तीनों ने अपने नियंत्रण की फ़र्ज़ी कंपनियों के ज़रिए धोखाधड़ी की.
नुकसान के 80 फीसदी की भरपाई
ईडी ने 18,170.02 करोड़ की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरु की. इनमें विदेश में 969 करोड़ की संपत्तियां भी शामिल हैं. अभी तक की ज़ब्त संपत्तियां बैंकों के कुल नुकसान 22,585.83 करोड़ का करीब 80.45% है. ईडी की जांच से पता चला कि इनमें से कई संपत्तियां फर्जी कंपनियों, तीसरे पक्ष, रिश्तेदार और ट्रस्ट के नाम पर इन आरोपियों ने जुटा रखी थीं.
तीनों के प्रत्यर्पण की कोशिश जारी
तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच के बाद प्रॉसीक्यूशन शिकायत दायर की जा चुकी हैं. तीनों के प्रत्यर्पण के लिए यूके, एंटीगुआ और बारबुडा में निवेदन किया जा चुका है. विजय मालिया के प्रत्यर्पण का वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आदेश दिया था जिस पर यूके हाई कोर्ट की मुहर लग चुकी है. माल्या को यूके सुप्रीम कोर्ट में आवेदन की अनुमति नहीं मिली इसलिए उसका भारत प्रत्यर्पण होना निश्चित है.
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का आदेश भी दिया है. भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर मोदी पिछले दो साल और तीन महीने से लंदन जेल में है. इन दोनों को आर्थिक भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. हाल में मेहुल चोकसी को डोमिनिका में पकड़ा गया था, जिसके बाद से उसे भारत सरकार प्रत्यर्पण कर लाने की कोशिशों में जुटी है.