जनरल इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े कानून में संशोधन के लिए लोकसभा में एक विधेयक शुक्रवार को पेश किया गया. इस विधेयक से सरकार को पब्लिक सेक्टर की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने में मदद मिलेगी.
‘बीमा कंपनियां लाएंगी इनोवेटिव प्रोडक्ट’
साधारण बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 (General Insurance Business (Nationalisation) Amendment Bill, 2021) पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये विधेयक भारतीय बाजारों से जरूी संसाधन जुटाने में मदद करेगा. वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय कंपनियां लोगों की जरूरत के हिसाब से नए इनोवेटिव इंश्योरेंस प्रोडक्ट बाजार में उतार सकेंगी.
विपक्षी दलों का प्राइवेटाइजेशन का आरोप
सदन में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इससे विदेशी निवेशक आएंगे और सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों का पूर्ण निजीकरण होगा. इस पर जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि सदस्यों ने जिन आशंकाओं का जिक्र किया है, वे सही नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि इस संशोधन से हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं वह निजीकरण नहीं है. हम ऐसे कुछ सक्षम प्रावधान ला रहे हैं जिससे सरकार साधारण बीमा कंपनियों में सार्वजनिक क्षेत्र की और देश के नागरिकों एवं आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर सके.
‘ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी बीमा सुरक्षा’
उन्होंने कहा कि साधारण बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक से सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनी में केन्द्र सरकार की 51% हिस्सेदारी रखने की बाध्यता खत्म हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि समाज के बड़े हिस्से तक बीमा सुरक्षा की पहुंच बनाने, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने, सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा करने और देश की आर्थिक प्रगति को तेज करने की दृष्टि से कानून में ये संशोधन लाना जरूरी है.
ये बिल भी हुआ पेश
साधारण बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 से पहले केंद्रीय पर्यवारण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग विधेयक, 2021’ पेश किया. इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक से संबंधित समस्याओं को लेकर बेहतर समन्वय, अनुसंधान और समाधान के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंध आयोग गठित करने और उससे संबद्ध विषयों का उपबंध किया गया है.