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सर्वे: लॉकडाउन के दौरान क्या किया? 94% ने कहा- रिज्यूमे मजबूत

कोरोना संकट और लॉकडाउन का वक्त कई लोगों ने बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया है. इस दौरान घर में रहकर ही लोगों ने अपनी स्किल्स को डेवलप किया है. खासकर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर चुके युवाओं ने इस वक्त को भुनाया है.

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कोरोना संकट का बेहतर इस्तेमाल
कोरोना संकट का बेहतर इस्तेमाल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंजीनियरिंग के छात्रों ने भुनाया वक्त
  • लॉकडाउन में सीखीं नई स्किल्स
  • 72% ने जताई वर्क फ्रॉम की इच्छा

कोरोना संकट और लॉकडाउन के वक्त का कई लोगों ने बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया है. इस दौरान घर में रहकर ही लोगों ने अपनी स्किल्स को डेवलप किया है. खासकर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर चुके युवाओं ने इस वक्त को भुनाया है. 
 
ब्रिजलैब्ज के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, ज्यादातर इंजीनियरिंग स्नातकों ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान खाली वक्त का इस्तेमाल ऑनलाइन स्किल डेवलप कार्यक्रमों में किया.

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डिजिटल की तरफ फोकस

सर्वेक्षण के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रहे, लेकिन इससे डिजिटल शिक्षा के नए आयाम भी खुले और उसके सर्वेक्षण में 94 फीसदी इंजीनियरिंग स्नातकों ने कहा कि उन्होंने घर पर रहने के दौरान इस वक्त का इस्तेमाल नया कौशल सीखने के लिए किया, ताकि हालात सामान्य होने पर उनका रिज्यूमे अधिक प्रभावशाली हो.

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यह सर्वेक्षण देशभर में 10 से 14 अगस्त के बीच 1,100 से अधिक इंजीनियरिंग स्नातकों के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार पर आधारित है. ब्रिजलैब्ज की स्थापना मौजूदा इंजीनियरों के बीच कौशल की कमी को पूरा की गई थी, ताकि उन्हें नौकरी के लिए अधिक बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके.

ऑनलाइन सेशन की तारीफ

सर्वेक्षण में 42 फीसदी लोगों ने कहा कि किसी सवाल के समाधान के लिए ऑनलाइन लाइव सेशन अधिक उपयोगी हैं, जबकि 21 फीसदी ने ऑफलाइन कक्षाओं पर आधारित शिक्षा को बेहतर बताया.

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इस सर्वे में 72 फीसदी लोगों ने 'वर्क फ्रॉम होम' यानी घर पर रहकर काम करने की इच्छा जताई, जबकि 28 फीसदी लोग वापस ऑफिस में जाकर काम करना चाहते हैं. नौकरी के बारे में 90 फीसदी लोगों ने कहा कि वे रेगुलर और फुल-टाइम नौकरी पसंद करते हैं.

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