शेयर बाजार में आपने बहुत से स्टॉक के बारे में सुना होगा कि उसने लोगों को कम समय में करोड़पति बना दिया, लेकिन क्या आपने कभी ऐसे शेयर के बारे में सुना है, जिसने कम समय में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दी है. वह भी सिर्फ 1.8 लाख रुपये ही निवेश करके, नहीं ना? आज हम एक ऐसे ही शेयर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने निवेशकों को कम समय में करोड़पति ही नहीं बनाया, बल्कि देश के अमीरों में शुमार होने का मौका दिया.
BSE में लिस्टेड एक कंपनी के शेयरों ने छह महीने के भीतर 55,751 गुना रिटर्न दिया है. सितंबर तिमाही के अंत में कंपनी के पास केवल 322 पब्लिक शेयरहोल्डर्स थे और इसमें छह प्रमोटर्स को जोड़ने पर कुल शेयर होल्डर्स की संख्या 328 हो जाती है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेंशन 3,804 करोड़ रुपये है.
कंपनी में केवल 50,000 शेयर पब्लिक शेयरधारकों के पास हैं, जो कंपनी में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं. इनमें 284 खुदरा निवेशक शामिल हैं, जिनके पास 2 लाख रुपये तक के शेयर हैं, जो कंपनी में 7.43 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं. पिछली कुछ तिमाहियों में खुदरा शेयरधारकों की संख्या में बहुत अधिक बदलाव नहीं आया है.
1.77 लाख बन गए 984 करोड़
दरअसल हम बात कर रहे हैं एक ऐसे शेयर की, जिसकी हाल फिलहाल में खूब चर्चा हो रही थी. यह भारत का सबसे महंगा शेयर है, जिसका नाम एल्सिड इंवेस्टमेंट (Elcid Investment Share) है. जून में यह शेयर सिर्फ 3.53 रुपये पर था. 322 सार्वजनिक शेयरधारकों के पास इस कंपनी में सिर्फ 1.77 लाख रुपये के शेयर थे, जो आज उनकी कीमत 984 करोड़ रुपये हो चुकी है.
पहले कभी-कभी ही होता था कारोबार
इस शेयर के साल 2024 का पहला कारोबार 21 जून को हुआ था. साल 2023 में इसमें केवल दो दिन और 2021 में नौ दिन कारोबार हुआ. पिछले कुछ सालों में शेयर 2.00-3.50 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था, लेकिन एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स कम से कम 2006 से एशियन पेंट्स लिमिटेड की प्रवर्तक संस्थाओं में से एक रही और 30 सितंबर तक पेंट्स निर्माता कंपनी में इसकी 2.95 प्रतिशत हिस्सेदारी या 2,83,13,860 शेयर थे.
गुरुवार के स्तर पर अकेले एशियन पेंट्स के इन 2,83,13,860 शेयरों की कीमत 6,490 करोड़ रुपये है. इसके अलावा, इसकी दो सहायक कंपनियों मुरहर इन्वेस्टमेंट्स एंड ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड और सुप्तस्वर इन्वेस्टमेंट्स एंड ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड ने अपनी सालाना रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स में क्रमशः 0.60 प्रतिशत और 0.68 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखी. इन दोनों हिस्सेदारी की कीमत 2,818 करोड़ रुपये है. यह कभी कभी इसलिए ट्रेड होता था, क्योंकि खरीदार तो थे, लेकिन इसके सेलर नहीं थे.
29 अक्टूबर को हुआ था स्पेशल ऑक्शन
सेबी ने इस पर ध्यान दिया और जून में लिस्टेड निवेश कंपनियों और निवेश होल्डिंग्स कंपनियों के शेयरों के लिए स्पेशल कॉल ऑक्शन का ऐलान किया, जिसमें कहा गया कि कुछ लिस्टेड IC और IHC का कारोबार अनियमित रूप से किया जा रहा था. स्पेशल ऑक्शन के बाद इसके शेयर की कीमत मौजूदा वैल्यू पर आ गई. स्पेशल ऑक्शन के तहत लिस्टिंग के बाद 29 अक्टूबर को एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स ने लगभग 67,000 प्रतिशत की छलांग लगाई, जो 2,36,250 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया. 8 नवंबर तक शेयर 3,32,399.95 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया, लेकिन बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)