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New Zealand Second Recession: इस बड़े देश में हाहाकार, 18 महीने में दूसरी बार आई मंदी... जानिए अब क्या होगा?

18 महीने के भीतर ही यह देश दूसरी बार मंदी की चपेट (New Zealand Second Recession) में आ चुका है. आंकड़ों के मुताबिक इस देश की अर्थव्‍यवस्‍था दिसंबर तिमाही के दौरान 0.1 प्रतिशत तक सिकुड़ चुकी है.

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न्‍यूजीलैंड में दूसरी बार मंदी
न्‍यूजीलैंड में दूसरी बार मंदी

न्‍यूजीलैंड की हालत बहुत खराब हो चुकी है. 18 महीने के भीतर ही यह देश दूसरी बार मंदी की चपेट (New Zealand Second Recession) में आ चुका है. न्‍यूजीलैंड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस देश की अर्थव्‍यवस्‍था (GDP of New Zealand) दिसंबर तिमाही के दौरान 0.1 प्रतिशत तक सिकुड़ चुकी है. वहीं प्रति व्‍यक्ति के हिसाब से इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई है. 

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न्यूजीलैंड की आधिकारिक सांख्यिकी एजेंसी स्टैट्स एनजेड ने गुरुवार को इन आंकड़ों की घोषणा की. 2023 की आखिरी तिमाही में आए इन आंकड़ों से कंफर्म हो गया है कि न्‍यूजीलैंड की अर्थव्‍यवस्‍था (New Zealand Economy) मंदी की चपेट में दूसरी बार आ चुकी है. इससे पहले सितंबर तिमाही में भी इस देश की GDP में 0.3 प्रतिशत की गिरावट हुई थी, जो मंदी की परिभाषा को पूरा करती है. 

प्रति व्‍यक्ति के हिसाब से बड़ी गिरावट 
स्टैट्स एनजेड के मुताबिक, न्यूजीलैंड ने पिछली पांच तिमाही में से चार में नकारात्मक GDP आंकड़े पेश किए हैं. पिछले 18 महीने के दौरान यह न्‍यूजीलैंड की दूसरी मंदी की घटना है. इसकी एनुअल ग्रोथ रेट की बात करें तो इसमें केवल 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. पिछली पांच तिमाहियों में प्रति व्‍यक्ति आंकड़ों में एवरेज 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई है. 

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सरकारी कर्मचारियों की संख्‍या में होगी कटौती 
दक्षिण प्रशांत सागर के इस देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देने में मदद करने के लिए रिकॉर्ड माइग्रेशन हुआ है, जो 2023 में 141,000 नए एराइवल के रिकॉर्ड शिखर पर पहुंच गया. जनसंख्‍या में बढ़ोतरी के बिना इस देश की अर्थव्‍यवस्‍था तेजी से फिसल रही है.  रेगुलेशन मिनिस्टर डेविड सेमुर ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के कारण देश के आगामी बजट में कटौती होगी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कमी आएगी. 

केंद्रीय बैंक ने लगाया था मंदी का अनुमान 
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक द्वारा एक सपाट आंकड़े की भविष्यवाणी के साथ मंदी की काफी हद तक उम्मीद की जा रही थी, जबकि बैंक अर्थशास्त्रियों ने एक गिरावट और आंशिक बढ़ोतरी के बीच परिणामों का अनुमान लगाया था. 

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