वोडाफोन आइडिया में एमेजॉन और अमेरिकी वायरलेस कंपनी वेरीजॉन के निवेश करने की खबरों को कंपनी ने खारिज कर दिया है. कंपनी ने कहा उसके निदेशक मंडल के समक्ष वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. दरअसल, ऐसी खबरें थीं कि अमेरिका की कंपनी एमेजॉन और वेरीजॉन, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड में चार अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर सकती हैं. लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है.
क्या कहा वोडाफोन आइडिया ने?
शेयर बाजार को दी जानकारी में वोडाफोन आइडिया ने कहा कि वह बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सूचनाएं सार्वजनिक करने के नियम से बंधी हुई हैं. इसलिए निदेशक मंडल के सामने विचार करने के लिए जितने प्रस्ताव होते हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाता है. कंपनी ने कहा, ‘‘कॉरपोरेट रणनीति के तौर पर कंपनी नियमित तौर पर विभिन्न अवसरों का आकलन करती रहती है. मीडिया में जिस तरह की खबरें हैं, उस तरह का कोई प्रस्ताव निदेशक मंडल के समक्ष विचारार्थ नहीं है.’’
यह पहली बार नहीं है जब वोडाफोन आइडिया में निवेश की खबरें मीडिया में सामने आई हैं और इसे कंपनी ने खारिज किया है. इससे पहले गूगल के भी निवेश की खबर को कंपनी ने खारिज किया था.
10 साल में करना है बकाया भुगतान
वोडाफोन इंडिया लिमिटेड को उच्चतम न्यायालय ने ग्रॉस एडजस्ट रेवेन्यू (एजीआर) के भारी भरकम बकाये को चुकाने के लिए दस साल का वक्त दिया है. इसका 10 प्रतिशत कंपनी को चालू वित्त वर्ष में और बाकी का 10 किस्तों में अगले 10 साल में चुकाना है. वोडाफोन आइडिया पर 58,000 करोड़ रुपये से अधिक का एजीआर बकाया है. इसमें से 7,854 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक कंपनी कर चुकी है.