असंगठित क्षेत्र के 14 करोड़ श्रमिकों को अब आसानी से सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा. कोरोना काल के अनुभवों को देखते हुए सरकार ने ऐसे मज़दूरों की मदद के लिए एक डेटाबेस बनाने का काम शुरू किया था.
e-Shram पोर्टल का कमाल
सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के लिए इसी साल 26 अगस्त को ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल की शुरुआत की थी. श्रम एवं रोज़गार मंत्री मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि, 4 महीने में ई-श्रम पोर्टल पर कुल 14,02,92,825 श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. उन्होंने इस काम को अंजाम देने वालों को बधाई दी. साथ ही कहा कि अब देश का हर तीसरा मज़दूर इस पोर्टल से जुड़ गया है.
e-Shram portal
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) December 25, 2021
In just about 4 months
14 crore crossed...
Kudos to all those who made it possible. pic.twitter.com/1V9RNMKUys
इन राज्यों से हैं सबसे ज्यादा मज़दूर
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले सबसे ज्यादा श्रमिक उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्य से हैं. वहीं लिंग के आधार पर 52.56 प्रतिशत से ज्यादा मज़दूर महिलाएं और 47.44% पुरुष हैं. जबकि जाति के आधार पर 42.64 प्रतिशत मज़दूर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 26.45% सामान्य वर्ग के हैं. वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के 22.54% और अनुसूचित जनजाति के मज़दूरों की संख्या 8.38% है.
आसानी से मिलेगी सरकारी मदद
कोरोना की पहली लहर और लॉकडाउन के बीच देश और दुनिया ने बड़े पैमाने पर असंगठित क्षेत्र के मज़दूरो का पलायन देखा था. उस दौरान सरकार ने कई स्तर पर उनकी मदद के कार्यक्रम चलाए. लेकिन लंबे वक्त से इनके एक राष्ट्रीय डेटाबेस की जरूरत महसूस की जा रही थी. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल की शुरुआत की गई. इसकी सहायता से ऐसे मज़दूरों को अब विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ आसानी से मिल सकेगा.
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