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NSE IFSC: अमेरिकी कंपनियों से कमाई का मौका, घर बैठे Google-Tesla के शेयर खरीदें-बेचें

अभी एनएसई ने टॉप 8 अमेरिकी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट का मौका दिया है. आने वाले समय में 42 और कंपनियों को जोड़ने की योजना है. इस तरह इंडियन इन्वेस्टर्स को टॉप 50 अमेरिकी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट का मौका मिलने जा रहा है.

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एनएसई ने दी सुविधा
एनएसई ने दी सुविधा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टॉप अमेरिकी कंपनियों में पैसे लगाने का मौका
  • खुलवाना होगा अलग डीमैट अकाउंट

NSE International Exchange: देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई (NSE) ने भारतीय इन्वेस्टर्स (Indian Investors) को बड़ी खुशखबरी दे दी है. अब भारतीय इन्वेस्टर्स की बहुत पुरानी इच्छा पूरी हो गई है. एनएसई ने अमेरिका की टॉप 8 कंपनियों में घर बैठे इन्वेस्ट कर पैसे बनाने का मौका दिया है. यह सुविधा आज से शुरू हो गई है. आने वाले समय में कई और अमेरिकी कंपनियों (US Companies) को इसमें जोड़ा जाने वाला है.

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अभी इन कंपनियों में लगा सकेंगे पैसे

एनएसई लंबे समय से इसकी तैयारी में था. अभी जिन अमेरिकी कंपनियों में इन्वेस्ट करने की सुविधा मिली है, उनमें दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एप्पल (Apple) भी शामिल है. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), अमेजन (Amazon), गूगल (Google) की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet), फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा इंक (Meta Inc), नेटफ्लिक्स (Netflix), वॉलमार्ट (Wallmart) और एलन मस्क (Elon Musk) की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला (Tesla) शामिल है. आने वाले समय में अमेरिका की 42 अन्य बड़ी कंपनियों में भी इन्वेस्ट करने का मौका मिलने वाला है. इस तरह जल्दी ही भारतीय इन्वेस्टर्स अमेरिका की टॉप 50 कंपनियों में घर बैठे पैसे लगा सकेंगे और पॉकेट गर्म कर सकेंगे.

एनएसई की इस सब्सिडियरी से होगी ट्रेडिंग

विदेशी स्टॉक एक्सचेंज (Foriegn Stock Exchange) में इन्वेस्टमेंट के लिए भारत ने कुछ समय पहले गिफ्ट सिटी (Gift City) की शुरुआत की थी. गुजरात में स्थित गिफ्ट सिटी एक प्रकार का ग्लोबल फाइनेंशियल हब है. भारतीय इन्वेस्टर्स को विदेशी स्टॉक एक्सचेंज तक की पहुंच देने के लिए एनएसई ने कुछ साल पहले एक सब्सिडियरी का गठन किया था. एनएसई के इस इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE International Exchange) का नाम एनएसई आईएफएससी (NSE IFSC) है.

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लगा सकेंगे इतने पैसे, ये ट्रेडिंग का समय

एनएसई आईएफएससी के जरिए अमेरिकी कंपनियों के शेयरों के बदले डिपॉजिटरी रिसीट (Depository Reciept) इश्यू किए जाएंगे. इन कंपनियों में पैसें लगाने के लिए इन्वेस्टर्स को एनएसई आईएफएससी में अलग डीमैट अकाउंट (Demat Account) खुलवाना होगा. एक इंडियन इन्वेस्टर अमेरिकी कंपनियों में इस तरीके से अधिकतम 1.9 करोड़ रुपये तक पैसे लगा सकेगा. इनकी ट्रेडिंग सोमवार से शुक्रवार तक रात 8:30 बजे से अगले दिन दोपहर के 2:30 बजे तक होगी.

सस्ते में बन पाएंगे बड़ी कंपनियों के शेयरहोल्डर

अमेरिकी कंपनियों के शेयर की वैल्यू ज्यादा होती है, तो यह आम रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए एक्सेसेबल नहीं रह पाता है. उदाहरण के लिए टेस्ला के शेयर आज 880 डॉलर के आस-पास ट्रेड कर रहे हैं. भारतीय करेंसी में यह 66,500 रुपये से ज्यादा हो जाता है. इस समस्या का समाधान भी एनएसई ने किया है. एनएसई आईएफएससी पर टेस्ला के 1 शेयर के बदले 100 डिपॉजिटरी रिसीट इश्यू होंगे. इस तरह मौजूदा वैल्यू के हिसाब से 1 रिसीट का भाव 665 रुपये के आस-पास बैठेगा. भारतीय इन्वेस्टर इस तरह महज 665 रुपये लगाकर भी टेस्ला के शेयरहोल्डर बनने का मौका पा सकेंगे.

 

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