टाटा समूह (Tata Group) द्वारा ऑपरेट की जानी वाली एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) के 1,500 से अधिक पायलटों ने टाटा संस (Tata Sons) के पूर्व चैयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) को एक याचिका भेजी है. इसमें पायलटों ने रिवाइज सर्विस एग्रीमेंट और अपडेटेड सैलरी स्ट्रक्चर को लेकर ह्यूमन रिसोर्स (HR) विभाग के साथ चल रहे विवाद में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. पायलटों को लगता है कि उनकी समस्याओं को मौजूदा HR टीम नहीं सुन रही है. इसलिए उन्होंने इस विवाद में रतन टाटा से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.
1,504 पायलटों ने किए हैं साइन
याचिका में पायलटों ने लिखा कि हम HR डिपार्टमेंट के साथ मुश्किल स्थिति का सामना कर रहे हैं. हमें लगता है कि एयर इंडिया के कर्मचारियों के रूप में हम जिस सम्मान और गरिमा के हकदार हैं, उस तरह का व्यवहार हमारे साथ नहीं किया जा रहा है. इसकी वजह से हमारा मनोबल कम हुआ है और हम चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि हम इससे कर्तव्यों के पालन करने की हमारी क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. याचिका पर कुल 1,504 पायलटों ने साइन किए हैं.
सैलरी स्ट्रक्चर से नाखुश
17 अप्रैल को एयर इंडिया ने पायलटों और केबिन क्रू के लिए एक नई सैलरी स्ट्रक्चर का ऐलान किया था. इसमें पायलटों के उड़ान भत्ते को दोगुना करके 40 घंटे कर दिया गया था. इसके अलावा कहा गया था कि पायलटों को सर्विस ईयर के आधार पर रिवार्ड दिया जाएगा. दो पायलट यूनियन- इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) और इंडियन पायलट्स गिल्ड (IPG) ने संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर और सर्विस एग्रीमेंट पर निराशा जताई है.
बड़े बदलाव के तैयारी में समूह की एयरलाइंस
एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया पूरी तरह से टाटा संस के स्वामित्व में हैं. विस्तारा टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच 51:49 ज्वाइंट वेंचर है. मौजूदा समय में एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयरएशिया इंडिया के साथ विलय की प्रक्रिया में है ताकि एयर इंडिया के पास एक कम लागत वाली सहायक कंपनी हो. इसके अतिरिक्त, एयर इंडिया खुद विस्तारा के साथ विलय की प्रक्रिया में है.
HR और पायलट्स एसोसिएशन के बीच विवाद
इस बीच एयर इंडिया की एचआर टीम ने 16 और 17 अप्रैल को आईसीपीए के अलग-अलग सदस्यों को ईमेल भेजे थे, जिसमें कहा गया था कि प्रत्येक सदस्य को 'सीनियर कमांडर' के पद पर प्रमोट किया जा रहा. इससे वो मंथली 'मैनेजमेंट भत्ते' के योग्य हो जाएंगे. जब सदस्यों ने संशोधित सर्विस एग्रीमेंट पर ई-साइन नहीं किया तो उन्हें 20 अप्रैल को रिमाइंडर भेजा गया.
एचआर टीम ने बताया था कि संशोधित सर्विस एग्रीमेंट 24 अप्रैल तक वैलिड रहेगा. 21 अप्रैल को, ICPA ने एयर इंडिया को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया था कि ICPA के सदस्य प्रबंधन कैडर में जबरन प्रमोट नहीं होना चाहते हैं. वो अपने मौजूदा पदों और भूमिकाओं को बनाए रखना चाहते हैं .
बता दें कि 27 जनवरी 2022 को करीब 69 साल बाद आधिकारिक रूप से एअर इंडिया की टाटा ग्रुप में घर वापसी हुई थी. ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टैलेस टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2021 में कर्ज में डूबी एअर इंडिया के अधिग्रहण की 18,000 करोड़ रुपये में बोली जीती थी.