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Pakistan Crisis: पाकिस्तान में भगदड़, बिना नेट कैसे करें काम... धड़ाधड़ बड़ी कंपनियां छोड़ रही हैं देश!

Pakistan पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अब उसके सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है, जिसकी वजह से मल्टीनेशनल कंपनियां देश छोड़ने को मजबूर हैं और इसे अब पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल ने चेतावनी जारी की है.

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पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल ने कंपनियों के देश छोड़ने का बड़ा कारण इंटरनेट को बताया (सोर्स-मेटा एआई)
पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल ने कंपनियों के देश छोड़ने का बड़ा कारण इंटरनेट को बताया (सोर्स-मेटा एआई)

पाकिस्तान बीते साल से ही अपने इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक संकट (Pakistan Economic Crisis) से जूझ रहा है और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लेकर मित्र देशों तक से मदद मिलने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं. अब देश में एक नया संकट खड़ा हो गया है, जिसकी चेतावनी खुद पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल (PBC) ने जारी की है. पीबीसी की ओर से आगाह किया गया है कि नई समस्या के चलते कई मल्टीनेशनल कंपनियां अब पाकिस्तानसे अपने बैक ऑफिस बंद करके दूसरे देशों में ठिकाना तलाश रही हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला? 

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दुबई में रजिस्टर्ड हो रहीं कंपनियां!
पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, देश से कई बड़ी और दिग्गज कंपनियां अपने बैक ऑफिस दूसरे देशों में ट्रांसफर करने का प्लान बना रही हैं और कई कंपनियों ने तो हाल ही में ऐसा किया भी है. PBC की ओर से ये अलर्ट दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि  जनवरी से जून 2024 के बीच दुबई में 3,968 पाकिस्तानी कंपनियां रजिस्टर्ड हुई हैं और यह आंकड़ा बीते साल 2023 में इसी अवधि के दौरान रजिस्टर्ड हुईं 3,395 फर्मों की तुलना में 17 फीसदी ज्यादा है. 

रिपोर्ट में इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि Dubai में पहुंच रहे पाकिस्तानी बिजनेस के आंकड़ों में ये उछाल ऐसे देश से बढ़ते पलायन को दर्शाने वाला है, जो पहले से ही बड़ा आर्थिक संकट से गुजर रहा है और जहां पर रिकॉर्ड बेरोजगारी और सुस्त ग्रोथ डेवलपमेंट है. महंगाई से लेकर तमाम कारणों के चलते कंपनियां ही नहीं लाखों लोग भी कथित तौर पर विदेशों में अपने लिए अवसर तलाश रहे हैं. 

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PBC ने बड़ा कारण किया उजागर
पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल ने ये चेतावनी जारी करने के साथ ही अपने बयान में मल्टीनेशनल कंपनियों के देश छोड़ने का बड़ा और नया कारण भी बताया है. PBC की ओर से कहा गया है कि कथित तौर पर फायरवॉल लगाए जाने से पूरे देश में इंटरनेट सर्विस में बड़े पैमाने पर रुकावटें आ रही हैं, जिससे ये स्थिति पैदा हो रही है. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के टेक सेक्टर ने भी हाल ही में इंटरनेट क्राइसिस पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी.

300 मिलियन डॉलर का नुकसान का अनुमान
Pakistan टेक सेक्टर द्वारा किए गए अलर्ट में कहा गया था कि इंटरनेट सेवाओं में आने वाली इन रुकावटों से पाकिस्तान को 300 मिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है. पीबीसी ने इस मुद्दे को उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से उचित कदम उठाने और सही फायरवॉल प्राप्त करने की मांग की है, जिससे कि रोजगार और निर्यात दोनों पर प्रभाव कम से कम हो. काउंसिल की ओर से कहा गया है कि घरेलू अर्थव्यवस्था (Pakistan Domestic Economy) के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बेहद महत्वपूर्ण है. 

इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए बड़ा खतरा
पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल के साथ ही इस मुद्दे की गंभीरता को बताते हुए ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (OICCI) ने भी चेतावनी दी है कि देश में बार-बार इंटरनेट बाधित होने से देश की आर्थिक प्रगति में रुकावट पेश आ सकती है. पाकिस्तान सॉफ्टवेयर हाउस एसोसिएशन के मुताबिक, ये रुकावटें अब सिर्फ असुविधाएं मात्र नहीं हैं, बल्कि बिजनेस पर आक्रामक हमले के समान हैं, जिससे बड़ा वित्तीय नुकसान होने का अनुमान है.  

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