डिजिटल वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम की आय में इजाफा हुआ है. कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान उसकी आय बढ़कर 3,629 करोड़ रुपये हो गई.
घाटे में आई 40 फीसदी की कमी
पेटीएम ने एक बयान में कहा, ‘हम अपने मर्चेंट पार्टनर्स के लिए डिजिटल सेवाओं के निर्माण में भारी निवेश कर रहे हैं.' पेटीएम के घाटे में भी लगातार कमी हो रही है और कंपनी अगले दो साल में मुनाफे में आ सकती है. कंपनी ने कहा कि वित्तीय सेवाओं और बिक्री उपकरणों से लेनदेन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई और खर्च में कमी के कारण पिछले साल की तुलना में घाटा 40 फीसदी कम हुआ.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक,पेटीएम के अध्यक्ष मधुर देवड़ा ने कहा कि कंपनी को 2022 तक मुनाफे में लाने का लक्ष्य है. कंपनी ने कहा कि उसने छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई), किराने की दुकानों आदि की मांग को देखते हुए एंड्रॉयड आधारित पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) उपकरणों की 2 लाख इकाइयां बेची हैं.
इस साल और बढ़ सकता है कारोबार
इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 में पेटीएम के कारोबार में और बढ़त हो सकती है, क्योंकि कोरोना संकट के बीच डिजिटल लेनदेन और बढ़ा है. मार्च के बाद लॉकडाउन में डिजिटल लेनदेन और बढ़ा है, इससे पेटीएम जैसे ऐप के कारोबार में और बढ़त हुई है.
पेटीएम अपने ग्राहकों को लगातार सुविधाएं देकर अपना कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. पेटीएम पेमेंट बैंक जल्द ही चेकबुक की सुविधा लॉन्च करने वाला है. आपको बता दें कि पेटीएम पेमेंट बैंक बिना किसी चार्ज या मिनिमम बैलेंस के ग्राहकों को बचत खाता खोलने की सुविधा देता है. हालांकि इसमें अधिकतम एक लाख रुपये ही रखे जा सकते हैं.