देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने वाली कंपनी Paytm ने वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) और पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के परिणाम जारी कर दिए हैं. कंपनी का घाटा देखकर इसके शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरना स्वाभाविक है.
बढ़ गया Paytm का घाटा
अगर बात तिमाही की की जाए तो जुलाई-सितंबर 2021 में कंपनी का घाटा बढ़कर 481.70 करोड़ रुपये हो गया है. जबकि इससे पिछली तिमाही अप्रैल-जून 2021 में ये घाटा 376.60 करोड़ रुपये था. वहीं छमाही आधार पर देखें तो अप्रैल-सितंबर अवधि में कंपनी का घाटा बढ़कर 858.30 करोड़ रुपये रहा है. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का घाटा 723.60 करोड़ रुपये था.
बढ़ी है Paytm की कमाई भी
हालांकि कंपनी का घाटा बढ़ा है तो उसकी कमाई में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. 2021-22 की जुलाई-सितंबर अवधि में कंपनी की कुल आय 19.62% बढ़कर 1,134.50 करोड़ रुपये रही. वहीं अप्रैल-सितंबर की अवधि में ये 47.95% बढ़कर 2,082.50 करोड़ रुपये हो गई.
Paytm Share Price में गिरावट जारी
Paytm का शेयर बीते 10 साल में सबसे खराब लिस्टिंग वाला शेयर रहा है. कंपनी ने आईपीओ के लिए अपने शेयर का प्राइस 2150 रुपये तय किया था जो लिस्टिंग वाले दिन 27% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. कंपनी के परिणामों की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट जारी है. कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 17% नीचे चल रहा है. वहीं पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले भी ये 1.84% की गिरावट के साथ 1765.60 रुपये पर चल रहा है.
कैसे होगा निवेशकों का उद्धार?
बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक Paytm के शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता पेमेंट बिजनेस में मार्जिन का कम होना और इसका हाईली कॉम्पिटिटिव मार्केट होना है. लेकिन अब कंपनी कर्ज देने, निवेश, ब्रोकिंग, वेल्थ मैनेजेमेंट और इंश्योरेंस बिजनेस में काम करना शुरू कर रही है. Paytm के शेयर होल्डर्स को रीयल वैल्यू आने वाले सालों में लेंडिंग बिजनेस से ही मिलेगी.
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