scorecardresearch
 

PM किसान योजना: 20 लाख अपात्र लोगों को मिल गये 1,364 करोड़ रुपये, सबसे ज्यादा पंजाब में

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल छोटे और सीमांत किसानों के खाते में 6,000 रुपये डाले जाते हैं. यह योजना केंद्र सरकार ने 2019 में लॉन्च की थी. सरकार ने अभी हाल में 25 दिसंबर को इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों के खातों में सातवीं किस्त के तहत 2,000 रुपये ट्रांसफर किये हैं.

Advertisement
X
लाखों अपात्र लोगों को मिला पैसा
लाखों अपात्र लोगों को मिला पैसा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 लाख अपात्र लोगों को मिल गयी रकम
  • आरटीआई तहत कृषि मंत्रालय ने दी जानकारी
  • सबसे ज्यादा पंजाब में आए ऐसे मामले

सरकार ने पीएम किसान योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojna) के तहत करीब 20.48 लाख अपात्र लोगों को 1,364 करोड़ रुपये की रकम दे दी है. कृष‍ि मंत्रालय ने एक आरटीआई के तहत दिये एक जवाब में खुद यह खुलासा किया है. ऐसे गलत तरीके से लाभ उठाने वालों में सबसे ज्यादा पंजाब के किसान हैं.

Advertisement

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल छोटे और सीमांत किसानों के खाते में 6,000 रुपये डाले जाते हैं. यह योजना केंद्र सरकार ने 2019 में लॉन्च की थी. यह उन किसानों को दिया जाता है, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक ही जमीन होती है.

सरकार ने अभी हाल में 25 दिसंबर को इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों के खातों में सातवीं किस्त के तहत 2,000 रुपये ट्रांसफर किये हैं. 

पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू! 

आरटीआई आवेदन के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बताया कि अपात्र लाभार्थियों की दो श्रेणियों की पहचान की गई, जिनमें पहले अर्हता पूरी नहीं करने वाले किसान हैं, जबकि दूसरी श्रेणी आयकर भरने वाले किसानों की है. आरटीआई आवेदक वेंकटेश नायक ने ये आंकड़े सरकार से प्राप्त किए.  

उन्होंने कहा कि अयोग्य लाभार्थियों में आधे से अधिक (55.58 फीसदी) आयकरदाता की श्रेणी में हैं, बाकी 44.41 फीसदी वे किसान हैं जो योजना की अर्हता पूरी नहीं करते हैं. आरटीआई आवेदक वेंकेटेश नायक ने बताया कि उन्हें मीडिया की खबरों से यह पता चला है कि ऐसे अपात्र लोगों से पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

Advertisement

इन राज्यों में सबसे ज्यादा ट्रांसफर

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक नायक ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्राप्त सूचना से पता चलता है कि वर्ष 2019 में शुरू हुई पीएम-किसान योजना के तहत जुलाई 2020 तक अपात्र लाभार्थियों को 1,364 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. आरटीआई आवेदक ने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक अयोग्य लाभार्थियों की बड़ी संख्या पांच राज्यों पंजाब, असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में है.

नायक ने बताया, 'इस सूची में सबसे ज्यादा 23.16 फीसदी (4.74 लाख) पंजाब के किसान हैं. इसके बाद असम और महाराष्ट्र के किसानों का नाम हैं. इन तीनों राज्यों में कुल मिलाकर ऐसे करीब 54 फीसदी मामले पाये गये हैं.

 

Advertisement
Advertisement