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'मैं Ratan Tata बोल रहा हूं... आपका एक खत मिला है, क्या मिल सकते हैं', फिर बदली इस कपल की किस्मत

Repos Energy की फाउंडर अदिती भोसले वालुंज (Aditi Bhosale Walunj) ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर ये बेहद ही दिलचस्प किस्सा शेयर किया था और लिखा था कि जब हमने स्टार्टअप शुरू किया तो मैंने कहा कि इसके लिए रतन टाटा मेंटर हों तो अच्छा रहेगा. इस पर सभी ने कहा कि उनसे मिलना असंभव है.

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रतन टाटा के साथ अदिती और चेतन वालुंज (सोर्स- लिंक्डइन)
रतन टाटा के साथ अदिती और चेतन वालुंज (सोर्स- लिंक्डइन)

रतन टाटा (Ratan Tata) एक बिजनेसमैन, दानवीर ही नहीं, बल्कि ऐसी शख्सियत भी थे, जिनसे मिलकर न जाने कितनों की किस्मत बदल गई. प्रतिभाओं को परखने की कला कमाल की थी और इसके कई उदाहरण मौजूद हैं. ऐसे भारत के रतन टाटा संस के पूर्व चेयरमैन का 86 साल की उम्र में बुधवार को निधन (Ratan Tata Death) हो गया और गुरुवार को वे पंचतत्व में विलीन हो गए. उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है, जिसमें उनके सिर्फ एक फोन कॉल ने ही अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले एक कपल की किस्मत बदल दी और उनके बिजनेस को बुलंदियों पर पहुंचा दिया. हम बात कर रहे हैं, घर पर फ्यूल डिलीवरी करने वाले इस स्टार्टअप Repos Energy के को-फाउंडर्स अदिति भोसले वालुंज और चेतन वालुंज के बारे में... 

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रतन टाटा के एक फोन कॉल से खुली किस्मत
कहते हैं रतन टाटा ऐसे बिजनेसमैन थे, जो किसी भी बिजनेस को छू लेते, तो उसे सोना बना देते थे और कुछ ऐसा ही हुआ था रेपोस एनर्जी के को-फाउंडर्स के साथ भी... ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है और इस किस्से को खुद अदिति वालुंज ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर शेयर कर सब-कुछ बताया था, जिसमें सिर्फ एक फोन कॉल और मिलने का ऑफर, बस फिर क्या था देखते ही देखते एक स्टार्टअप Repos Energy की किस्मत बदल गई. आज यह स्टार्टअप (Startup) बुलंदियों पर है. यह फोन कॉल किसी और का नहीं, बल्कि दिवंगत रतन टाटा ने किया गया था.

इस स्टार्टअप में रतन टाटा ने किया था निवेश
Ratan Tata के टाटा ट्रस्ट के जरिए कई सामाजिक कार्य किए जाते थे. इसमें हेल्थ, मेडिकल से लेकर एजुकेशन समेत कई सेक्टर शामिल थे. इसके साथ ही युवा उद्यमियों के लिए रतन टाटा प्रेरणास्त्रोत थे. उन्होंने न केवल तमाम युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद भी की. ऐसा ही स्टार्टअप है Repos Energy, जिसे अदिति भोसले वालुंज और चेतन वालुंज के द्वारा स्टार्ट किया गया था. बेस्ड ऑन-डिमांड फ्यूल डिस्ट्रिब्यूशन स्टार्टअप में रतन टाटा ने निवेश किया था. अदिती वालुंज ने एक पुराने लिंक्डइन पोस्ट में अपने शुरुआती दिनों का जिक्र किया था, जो अगस्त 2022 में किया गया था. इसमें उन्होंने बताया था कि कैसे रतन टाटा के एक फोन कॉल ने उनकी किस्मत बदल दी. इस फोन कॉल से पहले दोनों का सपना था कि उनकी कंपनी को टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा का मार्गदर्शन मिले, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी ये संभव होता नहीं दिख रहा था.

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Repos Energy

पोस्ट में साझा की फोन कॉल की कहानी 
रेपोस एनर्जी की फाउंडर अदिति भोसले वालुंज (Aditi Bhosale Walunj) ने अपने लिंक्डइन अकाउंट (LinkedIn) पर एक लंबा-चौंड़ा पोस्ट शेयर किया था. अदिति ने लिखा था कि जब मैंने और चेतन ने स्टार्टअप शुरू किया तो मैंने कहा कि इसके लिए रतन टाटा मेंटर हों तो अच्छा रहेगा. इस पर सभी ने कहा कि उनसे मिलना असंभव है. उन्होंने आगे बताया था कि ऐसी बातों से उनका हौसला बिल्कुल भी नहीं डगमगाया.  उन्होंने अपने प्रोजेक्ट से संबंधित एक 3डी प्रेजेंटेशन तैयार किया. इसमें रेपोस एनर्जी के लक्ष्य और तकनीक के इस्तेमाल से एनर्जी या फ्यूल डिस्ट्रीब्यूशन और डिलीवरी सिस्टम में बदलाव की योजना को अच्छे से बताया.

इसके बाद इस प्रेजेंटेशन को अदिती और चेतन ने एक लेटर के साथ रतन टाटा के लिए भेजा. जब कोई जवाब नहीं आया, तो दोनों रतन टाटा से मिलने उनके घर तक पहुंच गए. घर के बाहर इस कपल ने करीब 12 घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई और थक-हारकर दोनों वापस लौट आए. 

Ratan Tata

घर लौटते ही बजी फोन की घंटी और हुआ कमाल
अदिति ने अपने इस पोस्ट में आगे कहा कि उनका 12 घंटे का इंतजार बेकार नहीं गया, जब हम होटल वापस आए, तभी एक फोन कॉल आया. मैंने फोन उठाया तो दूसरी तरफ से आवाज आई कि 'हैलो, क्या मैं अदिति से बात कर सकता हूं.' अदिति के मुताबिक, जब मैंने कहा कौन बोल रहा है, तो सामने से आवाज आई, मैं रतन टाटा बोल रहा हूं, मुझे तुम्हारा लेटर मिला, क्या हम मिल सकते हैं?

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अदिती के मुताबिक, यह वह पल था जब जब उनका सबसे बड़ा सपना सच हो रहा था. अगले दिन अदिति और चेतन टाटा ग्रुप के चेयरमैन से मिले और अपना प्लान बताया. अदिति ने बताया, तीन घंटे चली मीटिंग में हमने अपने काम और लक्ष्य के बारे में बताया. इसके बाद टाटा समूह की ओर से 2019 में पहला और 2022 में दूसरा निवेश मिला. उन्होंने अपनी कारोबारी यात्रा को 'हौसले और जुनून की कहानी' करार दिया.

मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन
28 दिसंबर 1937 को एक पारसी परिवार में जन्मे रतन टाटा को बुधवार को स्वास्थ्य समस्या के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इजाल के दौरान उनका निधन हो गया. गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. Ratan Tata Death से न सिर्फ कारोबारी जगत, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है.  

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