देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में शामिल टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) जितने बड़े बिजनेसमैन हैं, उतने ही दरियादिल इंसान भी हैं. साथ ही उन्हें एक बड़ा डॉग लवर भी माना जाता है. इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने ताज होटल (Taj Hotel0 में स्ट्रीट डॉग्स के एंट्री की अनुमति दे रखी है. बीते दिनों इसे लेकर लिंक्डइन पर एक पोस्ट भी वायरल हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में एक डॉग को ताज होटल के इंट्रेंस पर आराम से सोता हुआ देखा गया था. रूबी खान ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब उन्होंने इसके बारे में होटल के एक स्टाफ से पूछा तो पता चला कि वह जन्म से ही होटल का एक हिस्सा बनकर रहा है. इस घटना से वे सरप्राइज थीं.
ताज होटल में स्ट्रीट कुत्तों की एंट्री
होटल के स्टाफ के मुताबिक, रतन टाटा का स्ट्रिक्ट आदेश है कि अगर ये ताज होटल में एंटर करते हैं तो उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए. रूबी खान ने बताया कि ताज की दीवारें सभी प्राणी के लिए महत्व रखती हैं. उन्होंने रतन टाटा की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बिजनेसमैन होने के नाते सभी का सम्मान करना चाहिए.
ताज होटल ने इस पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए कहा कि इस स्टोरी को शेयर करने के लिए धन्यवाद! ताज में हम सभी करुणा और समावेश को महत्व देते हैं, ताकि हर मेहमान घर जैसा महसूस करे.
रतन टाटा का स्ट्रीट डॉग्स के लिए प्रेम
नमक से हवाई जहाज बनाने वाली कंपनी पूर्व चेयरमैन रतन टाटा किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं, जो लोग उन्हें जानते हैं, तो वे इस बात से भली भांति परिचित होंगे कि रतन टाटा एक बड़े पशु प्रेमी हैं. खासकर स्ट्रीट डॉग्स के साथ उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है. सोशल मीडिया (Social Media) पर भी अरबपति उद्योगपति कुत्तों के साथ अपनी तस्वीरें और उनकी सुरक्षा के लिए अपील भरी पोस्ट शेयर करते रहते हैं.
बॉम्बे हाउस में स्ट्रीट डॉग्स की कहानी
टाटा संस के ग्लोबल हेडक्वॉटर में बॉम्बे हाउस में आसपास रहने वाले स्ट्रीट डॉग्स का शुरुआती समय से ही स्वागत किया जाता रहा है. जेआरडी टाटा ने आसपास के स्ट्रीट डॉग्स को यहां सहारा दिया, तब से लेकर अभी तक उन्हें यहां से हटाया नहीं गया. रतन टाटा (Ratan Tata) JRD Tata की इच्छा को आज भी कायम रखा है.
यहां सभी को एक नाम दिया गया है और हर दिन स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाया जाता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर मेडिकल सुविधा भी दी जाती है. इसके अलावा, सप्ताह में कम से कम एक बार नहलाया जाता है. इन स्ट्रीट डॉग्स को नियमित तौर पर टीके भी लगाए जाते हैं. यहां इनके लिए एक केनेल बनाया गया है, जो पिछले 94 साल से बॉम्बे हाउस का हिस्सा है.
98000 वर्ग फीट में 5 मंजिला कुत्तों के लिए अस्पताल
टाटा ग्रुप (Tata Group) ने मुंबई में पशुओं के लिए हॉस्पिटल भी खोल रखा है. पशुओं को गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल करने के लिए इसमें विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं. इस अस्पताल में फेमस एनिमल्स डॉक्टर्स को नियुक्त किया गया है. साथ ही नर्सों और टेक्निशियन द्वारा स्पेशल ट्रीटमेंट पर फोकस किया जाएगा. MCGM (ग्रेटर मुंबई नगर निगम) द्वारा आवंटित भूमि पर बनकर तैयार हुआ, यह अपनी तरह का पहला अस्पताल है, जो 98,000 वर्ग फीट में फैला हुआ है. रतन टाटा के 5 मंजिला इस पशु अस्पताल में 200 से अधिक बिस्तरों की क्षमता है. इसमें इलाज 24 घंटे तक के लिए उपलब्ध है.