राशन कार्ड (Ration Card), देश में चलाई जा रहीं तमाम फ्री राशन योजनाओं (Free Ration Scheme) के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज है. इस कार्ड का उद्देश्य पात्र लोगों को खाने की कमी न होने देना है, लेकिन इनका बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पात्र नहीं हैं. लेकिन अब सरकार ने इन पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है.
राज्य सरकारों के साथ बैठकें जारी
सरकार ने फर्जी गरीब बनकर राशन कार्ड का लाभ ले रहे लोगों को लिस्ट से बाहर करने का फैसला किया है. इसके तहत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राशन कार्ड के नियमों (Ration Card Rule) में बदलाव की तैयारी कर ली है. इस संबंध में राज्य सरकारों के साथ बैठकों का दौर भी जारी है. संभावना है कि जल्द इस संबंध में बड़ा ऐलान किया जा सकता है.
फर्जी गरीबों पर शिकंजे की तैयारी
सरकार सरकारी राशन की दुकानों से राशन कार्ड के जरिए अनाज लेने वाले पात्र लोगों के लिए तय मानकों में बदलाव करने जा रही है. पात्रता के लिए नए मानक सामने आने पर सरकारी फ्री राशन योजनाओं का लाभ ले रहे फर्जी गरीबों के नाम लिस्ट से काट दिए जाएंगे और सिर्फ पात्र लोग ही इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे.
80 करोड़ लोग ले रहे योजनाओं का लाभ
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution) के अनुसार, वर्तमान में देशभर में करीब 80 करोड़ जरूरतमंद लोग नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (National Food Security Act-NFSA) का लाभ ले रहे हैं. जिनमें कई फर्जी गरीब या ऐसे लोग जो आर्थिक संपन्न हैं वो भी जुड़े हुए हैं. ऐसे में अब सरकार की मंशा इन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की है.
अपात्र लोग होंगे लिस्ट से बाहर
उम्मीद है कि जल्द ही पात्रता (Eligibility) नए मानकों (New Standards) पर मुहर लगाई जा सकती है. राशन कार्ड धारकों के लिए नए मानक तय होने के बाद सिर्फ पात्र लाभार्थी ही सरकार की प्री राशन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. जबकि, जो अपात्र लोग अभी फर्जी तरीके से लाभ ले रहे हैं उनपर शिकंजा कस सकेगा.