कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास में लगे रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जीडीपी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी पर कोरोना का असर है लेकिन उम्मीद है कि इकोनॉमी जल्द रफ्तार पकड़ लेगी.
क्या कहा आरबीआई गवर्नर ने
गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, रिजर्व बैंक उसके लिये पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार अभी पूरी गति में नहीं पहुचा है, यह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों से अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रकोप का संकेत मिलता है. कोविड- 19 के बाद अर्थव्यवस्था की गति तेज होने की उम्मीद है.
निजी क्षेत्र को दी सलाह
आरबीआई गवर्नर ने निजी क्षेत्र को आगे बढ़कर अर्थव्यवस्था में सुधार की गति बढ़ाने में योगदान करने को कहा. गवर्नर ने निजी क्षेत्र को अनुसंधान, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये कहा है. उन्होंने कहा है कि पर्यटन क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और निजी क्षेत्र को इसका लाभ उठाना चाहिए.
गवर्नर के मुताबिक आरबीआई की ओर से लगातार बड़ी मात्रा में नकदी की उपलब्धता कराये जाने से सरकार के लिए कम दर पर और बिना किसी परेशानी के बड़े पैमाने पर उधारी सुनिश्चित हो पाई है. पिछले एक दशक में यह पहला मौका है जब उधारी लागत इतनी कम हुई है.
जीडीपी में बड़ी गिरावट की आशंका
बता दें कि देशभर की रेटिंग एजेंसियां इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 के लिए जीडीपी अनुमान को घटा रही हैं. हाल ही में कोरोना संकट की वजह से देश की जून तिमाही की जीडीपी में नकारात्मक 23.9 फीसदी की गिरावट आई है. यह भारत के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट थी. मार्च में कठोर लॉकडाउन लगाने की वजह से अर्थव्यवस्था में यह भारी गिरावट आई है.