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चीन में रियल एस्टेट का संकट बढ़ा, Evergrande के बाद अब एक और कंपनी ने किया डिफॉल्ट 

Real estate crisis China: Evergrande ने तो बॉन्ड पेमेंट में डिफाल्ट किया ही है, अब एक और कंपनी Kaisa ने भी डिफॉल्ट किया है. इसके बाद हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज ने Kaisa Group Holdings के शेयरों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है. 

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चीन का रियल एस्टेट सेक्टर संकट में (फोटो: www.kaisagroup.com)
चीन का रियल एस्टेट सेक्टर संकट में (फोटो: www.kaisagroup.com)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन की दो कंपनियों का डिफॉल्ट
  • इससे दुनिया भर में बढ़ी चिंता

चीन के रियल एस्टेट बाजार (Real estate crisis China) का संकट बढ़ता जा रहा है. वहां की दिग्गज रियल स्टेट कंपनी Evergrande ने तो बॉन्ड पेमेंट में डिफाल्ट किया ही है, अब एक और कंपनी Kaisa ने भी डिफॉल्ट किया है. इसके बाद हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज ने Kaisa Group Holdings के शेयरों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है. इसकी वजह से दुनियाभर के शेयर बाजार निवेशकों में चिंता बढ़ी है. 

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ऐसा माना जा रहा है कि 6.5 फीसदी रेट वाले बॉन्ड का पेमेंट न करने का मतलब यह है कि Kaisa तकनीकी रूप से डिफॉल्ट की श्रेणी में चली गई है. यह कंपनी एवरग्रैंड के बाद विदेशी बाजार से बॉन्ड के द्वारा कर्ज जुटाने वाली सबसे बड़ी चीनी कंपनी है.

क्या है आशंका 

खबर के अनुसार Kaisa मंगलवार को करीब 40 करोड़ डॉलर के विदेशी कर्ज ब्याज का भुगतान करने में विफल रहा. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आशंका यह है कि आगे अपने करीब 12 अरब डॉलर के पूरे विदेशी बॉन्ड के लिए डिफॉल्ट कर सकती है. 

Evergrande भी मुश्किल में 

इसके पहले ऐसी खबर आई थी कि चीन के दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी Evergrande के कई विदेशी बॉन्ड होल्डर को 30 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म होने के बाद भी कूपन पेमेंट यानी ब्याज भुगतान नहीं मिला. इससे ऐसा लग रहा है कि नकदी की तंगी से जूझ रहा यह समूह औपचारिक रूप से डिफॉल्ट होने के करीब है. 

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Evergrande को पिछले महीने करीब 8.25 करोड़ डॉलर के ब्याज का भुगतान करना था, लेकिन वह विफल रही. इससे इस बात की आशंका है कि कंपनी अपने पूरे 19 अरब डॉलर के इंटरनेशनल बॉन्ड के लिए आगे चलकर डिफॉल्ट कर सकती है. ऐसा हुआ तो चीन की पूरी इकोनॉमी के लिए यह बड़ा झटका होगा और इसका पूरी दुनिया पर कुछ न कुछ असर होगा.

अब अपेक्षाकृत छोटी कंपनी Kaisa के कर्ज चुकाने में विफलता से ऐसा लगता है कि चीन के प्रॉपर्टी बाजार में नकदी का संकट बढ़ता जा रहा है. 

 

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