रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों ने जोरदार छलांग लगाई है. सोमवार के सुबह के कारोबार में रिलायंस के शेयर चार फीसदी से अधिक की तेजी के साथ 2700 रुपये के आंकड़े को पार कर गए. साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 18 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. रिलायंस के शेयरों में आई तेजी के पीछे रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (RSIL) का डीमर्जर है. मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड को डीमर्ज करने जा रही है. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई तय किया है.
डीमर्जर के बाद बदल जाएगा नाम
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार फीसदी से अधिक चढ़कर 2,700 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर आज सुबह 2,688.90 रपये के स्तर पर ओपन हुए और 2,740.45 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंचे.
बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को फाइनेंशियल कारोबार रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स (RSIL) को डीमर्ज करने के लिए NCLT की मंजूरी मिल गई है. डीमर्जर के बाद कंपनी का नाम जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) कर दिया जाएगा. इसके अलावा, 20 जुलाई को समूह कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों का निर्धारण करेगा जो रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के नए इक्विटी शेयर प्राप्त करने के हकदार हैं.
कौन संभालेगा कारोबार?
इस साल मार्च में मुकेश अंबानी अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कहा था कि वह अपने वित्तीय सेवाओं के उपक्रम को रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (RSIL) का डीमर्जर करने की योजना बना रही है.
रिलायंस ने बताया कि हितेश कुमार सेठी एमडी और सीईओ के रूप में नई यूनिट की कमान सभालेंगे. RSIL बोर्ड ने 6 जुलाई 2028 तक पांच साल की अवधि के लिए अतिरिक्त निदेशक के रूप में राजीव महर्षि, सुनील मेहता और बिमल मनु तन्ना की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है. बोर्ड ने मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और अंशुमान ठाकुर को गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने की सिफारिश की है.
कंपनी की कुल संपत्ति
अनुमान है कि कंपनी की मुख्य कुल संपत्ति लगभग 1,50,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग 1,10,000 करोड़ रुपये मूल्य के रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं. शेष राशि रियल नेटवर्थ के रूप में है. इसकी तुलना में, बजाज फाइनेंस, जो वर्तमान में सबसे बड़ी रिटेल एनबीएफसी है. उसकी कुल संपत्ति लगभग 44,000 करोड़ रुपये है.
कंपनी ने बताया कि डीमर्जर के तहत शेयरधारकों को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रत्येक शेयर के बदले रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के एक शेयर मिलेंगे. फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को डीमर्ज कर अलग फर्म बनाने से कंपनी वित्तीय सर्विसेज पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएगी.
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