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हजारों मकान खरीदारों को राहत, वित्त मंत्रालय ने अटके प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किये 10,300 करोड़ 

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को खस्ताहाल बिल्डर्स की अटकी परियोजनों के लिए 10,300 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं.  इससे देश के विभिन्न हिस्सों में अटकी पड़ी आवासीय योजनाओं में 71,559 आवास इकाइयों को पूरा किया जा सकेगा और आवेदनकर्ताओं को उनके फ्लैट मिल सकेंगे. 

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मकान खरीदारों को बड़ी राहत (फाइल फोटो: चंद्रदीप कुमार)
मकान खरीदारों को बड़ी राहत (फाइल फोटो: चंद्रदीप कुमार)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खस्ताहाल बिल्डर्स के प्रोजेक्ट लटक जाने से ग्राहक परेशान
  • वित्त मंत्रालय ने 101 अटके प्रोजेक्ट पर काम को मंजूरी दी
  • इससे 71,559 मकान खरीदारों को राहत मिलेगी

सरकार ने उन हजारों मकान खरीदारों को बड़ी राहत दी है, जिनकी अटक गए प्रोजेक्ट्स की वजह से जान सूख गई थी. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को खस्ताहाल बिल्डर्स की अटकी परियोजनों के लिए 10,300 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं. 

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि 101 अटकी आवासीय परियोजनाएं को पूरा करने के लिए किफायती एवं मध्यम आय वर्ग आवास के लिए विशेष खिड़की सुविधा (SWAMIH) योजना के तहत 10,300 करोड़ रुपये वित्त पोषण को मंजूरी दी गई है. इससे देश के विभिन्न हिस्सों में अटकी पड़ी आवासीय योजनाओं में 71,559 आवास इकाइयों को पूरा किया जा सकेगा और आवेदनकर्ताओं को उनके फ्लैट मिल सकेंगे. 
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क्या कहा वित्त मंत्रालय ने 
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, 'SWAMIH योजना के तहत मकान खरीदारों को राहत देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. कुल मिलाकर 101 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. 22 परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिल गई है जिनमें करीब 10,300 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 71,559 मकान खरीदारों को राहत मिलेगी.' 

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पिछले महीने, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वामी योजना की प्रगति का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की थी. इस समीक्षा के दौरान वित्त मंत्री ने उन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया था जिनमें अंतिम दौर के कार्य को पूरा करने के लिए फंड से मंजूरी दी गई है. 

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पिछले साल बना था फंड 
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अधूरी पड़ी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 25,000 करोड़ रुपये के एक वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ) की स्थापना को मंजूरी दी थी.  इसमें सरकार की तरफ से 10,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी जबकि शेष भारतीय जीवन निगम और भारतीय स्टेट बैंक की ओर से राशि डाली जाएगी. सरकारी अनुमान के मुताबिक 4.58 लाख के करीब मकान निर्माण के दौर में अटके पड़े हैं. 

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