महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के प्रमुख आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने 73वें गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल झांकियों में से अपनी पसंद की झांकी ट्विटर पर शेयर की है़ साथ में एक खूबसूरत पोस्ट लिखी, और सरकार के इस काम की जमकर तारीफ भी की.
पहले मांगे लोगों से उनके वोट
गणतंत्र दिवस (Republic Day 2022) के मौके पर आनंद महिंद्रा ने सुबह-सुबह ट्वीट (Anand Mahindra Tweet) कर लोगों से उनकी मनपसंद झांकी के बारे मे पूछा. उन्होंने लिखा,‘अपने बचपन में जब भी हम 26 जनवरी की परेड देखते थे, तो आपस में सबसे अच्छी झांकी के लिए वोट किया करते थे. जानने का इच्छुक हूं कि इस साल आप लोग किसको वोट देते हैं. मुझे लगता है कि मेरी वाली अभी निकली...
In my childhood, whenever we watched the Republic Day Parade, we would vote amongst ourselves for the best Tableau. Curious which one you would vote for this year. I think my choice just rolled by…
— anand mahindra (@anandmahindra) January 26, 2022
‘जल जीवन मिशन’ पर आया दिल
अपनी पहली पोस्ट के करीब 5 घंटे बाद आनंद महिंद्रा ने अपनी पसंदीदा झांकी की वीडियो शेयर की. उन्हें इस साल 26 जनवरी की परेड में ‘जल जीवन मिशन’ की झांकी पसंद आई. साथ में लिखा, ‘मेरा वोट जाएगा इस झांकी को, क्योंकि ‘जल जीवन मिशन’ हर किसी के जीवन में गुणवत्ता पूर्ण बदलाव लाने में मील का पत्थर है. लद्दाख में 14,000 फुट की ऊंचाई पर भारत-चीन सीमा के पास शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे लोगों को 24x7 नल से जल मिलेगा.
This gets my vote for the best float in today’s parade. Because the Jal Jeevan mission is a game-changer in the quality of life for everyone.
— anand mahindra (@anandmahindra) January 26, 2022
At 14K ft high in Ladakh, near the IndoChina border, -20°C temperature, 24X7 tap water for households! https://t.co/VwPRItxlCI pic.twitter.com/gFeLkVF8ri
सरकार का जल जीवन मिशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण (PM Modi Speech) में जल जीवन मिशन को शुरू करने की घोषणा की थी. इस मिशन का मकसद 2024 तक देश के सुदूर गांव तक हर ग्रामीण घर में पाइप से पीने के पानी की सप्लाई करना है.
गणतंत्र दिवस की परेड में इस मिशन की झांकी को जल शक्ति मंत्रालय ने प्रदर्शित किया. इस झांसी में बूंद के आकार की एक प्रतिकृति बनी हुई थी. वहीं लद्दाख में इस मिशन को कैसे लागू किया जा रहा है, ये दिखाया गया है.
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