यूक्रेन (Ukraine) पर हमला करने के बाद रूस (Russia) अमेरिका (US) और पश्चिमी देशों के निशाने पर है. रूस के खिलाफ एक के बाद एक कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध (Economic Sanctions) लगाए जा चुके हैं. अमेरिका ने एक ही दिन पहले रूस के तेल व गैस पर भी बैन (Sanction On Russian Oil&Gas) लगाने का फैसला लिया है.
100 से ज्यादा अमेरिकी व अन्य मल्टीनेशनल कंपनियां (Multinational Companies) यूक्रेन पर हमले के बाद रूस से अपना कारोबार समेट चुकी हैं. इनमें बोइंग (Boeing) और एयरबस (AirBus) जैसी विमान बनाने वाली कंपनियों से लेकर फेसबुक (Facebook) और गूगल (Google) जैसी टेक कंपनियां भी शामिल हैं. रूस अब इससे निपटने और पलटवार करने की तैयारी में है. इसके लिए उन कंपनियों के कारखाने व अन्य संपत्तियों को नेशनलाइज करने की तैयारी चल रही है, जिन्होंने रूस में अपना बिजनेस बंद कर दिया है.
पुतिन की पार्टी ने की ये वकालत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) की 'यूनाइटेड रशिया पार्टी (United Russia Party)' के जनरल काउंसिल के सेक्रेटरी आंद्रेइ तुर्चक (Andrei Turchak) ने दो दिन पहले इसकी वकालत की. उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर हमले के बाद जो पश्चिमी कंपनियां रूस छोड़कर जा रही हैं, उनके पूरे ऑपरेशन को नेशनलाइज करने की जरूरत है. ऐसा करने से लोगों की नौकरियां भी बची रहेंगी और रूस घरेलू स्तर पर सामान बनाने में सक्षम बना रहेगा.
इन कंपनियों के गिनाए नाम
पार्टी की वेबसाइट डले स्टेटमेंट में तुर्चक ने इन कदमों को एक्सट्रीम भी माना है. उन्होंने कहा, 'ये एक्सट्रीम कदम हैं, लेकिन हम अपनी पीठ पर छूरा भी नहीं बर्दाश्त कर सकते. हमें अपने लोगों की सुरक्षा करनी होगी. यह वास्तव में एक जंग है और सिर्फ रूस के खिलाफ नहीं बल्कि रूसियों के खिलाफ है. हम युद्धकालीन कानूनों के हिसाब से कड़े पलटवार करेंगे.' पुतिन की पार्टी के नेता ने अपने स्टेटमेंट में कुछ कंपनियों का नाम भी लिया. इनमें Valio, Paulig और Fazer जैसी फिनिश फूड कंपनीज के नाम शामिल हैं.
एयरबस, बोइंग के एयरक्राफ्ट भी खतरे में
रूस की लोकल मीडिया में चल रही कुछ खबरों के अनुसार, एयरबस और बोइंग के उन एयरक्राफ्ट को भी नेशनलाइज करने पर विचार किया जा रहा है, जिन्हें प्रतिबंधों के बाद वापस लौटाया जाना है. ये एयरक्राफ्ट रूस की विमानन कंपनियों के पास लीज पर हैं. खबरों के अनुसार, रूस के ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने इस बारे में वहां की टॉप विमानन कंपनियों के साथ इस बा में बैठक भी की है. इस बैठक में रूस के डिप्टी ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर Igor Chalik के साथ Aeroloft, Pobeda, Rossiya, S7 Group, Ural Airlines और Utair जैसी रूसी विमानन कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है.