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साल का आखिरी IPO क्या निवेशकों को करेगा मालामाल? ऐसा है GMP का हाल

पॉलीमर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी साह पॉलीमर्स का IPO ओपन हो चुका है. पहले दिन निवेशकों का भी रिस्पॉन्स अच्छा रहा है. आईपीओ ग्रे मार्केट में भी बढ़त पर नजर आ रहा है. इसके शेयरों का अलॉटमेंट 9 जनवरी 2022 को हो सकता है.

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साह पॉलीमर्स का IPO
साह पॉलीमर्स का IPO

पॉलीमर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) का IPO शुक्रवार, 30 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हुआ. ये साल 2022 का आखिरी आईपीओ है. साह पॉलीमर्स का आईपीओ 4 जनवरी 2023 को क्लोज होगा. कंपनी ने इसके इश्यू के लिए प्रति शेयर 61 से 65 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है. शुक्रवार दोपहर 3:20 बजे तक इस इश्यू को 0.28 गुना सब्सक्राइब किया गया था. इसमें रिटेल कैटेगरी पूरी तरह से फुल हो गया. बीएसई के डेटा के अनुसार, रिटेल कैटेगरी 1.28 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) की कैटेगरी को 0.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.

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GMP का हाल

मार्केट के जानकारों का कहना है कि साह पॉलिमर के शेयर 70 रुपये से अधिक पर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं. IPO Watch के अनुसार, साह पॉलिमर का आईपीओ ग्रे मार्केट में बढ़त पर नजर आ रहा है. इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पांच रुपये पर नजर आ रहा है, जो इसके इश्यू बैंड प्राइस 8 फीसदी अधिक है. साह पॉलिमर का आईपीओ गुरुवार, 12 जनवरी 2023 को प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकता है.

किसके लिए कितना रिजर्व?

साह पॉलीमर्स आईपीओ में 1,02,00,000 इक्विटी शेयर जारी कर रही है. इसमें एक भी शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं हैं. Sat Industries साह पॉलीमर्स की प्रमोटर है और कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 91.79 फीसदी है. इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (QIB) के लिए रिजर्व है. नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए 15 फीसदी और रिटेल निवेशकों के लिए 10 फीसदी हिस्सा रिजर्व है. कंपनी ने कुल 230 शेयरों के लॉट साइज में फिक्स किया है. इस शेयर का अलॉटमेंट 9 जनवरी 2022 को हो सकता है.

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कंपनी का कारोबार

उदयपुर बेस्ड कंपनी मुख्य रूप से पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी)/ हाई डेंसिटी पॉलीथीन (HDPE) एफआईबीसी बैग, बुने हुए बोरे, एचडीपीई/पीपी बुने हुए कपड़े जैसे प्रोडक्ट का उत्पादन और बिक्री करती है. कंपनी की घरेलू बाजार में 6 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में मौजूद है. इसके अलावा इंटरनेशनल लेवल पर अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियाई देशों में कारोबार करती है. 

कंपनी का प्रदर्शन

कंपनी ने कहा है कि वो आईपीओ से जुटाए पैसे का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन को बढ़ाने पर फोकस करेगी. कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को देखें, तो इसने वित्त वर्ष 2019-20 में कुल 30 लाख रुपये का मुनाफा कमाया था. वित्त वर्ष 2021-22 में ये आंकड़ा बढ़कर 4.38 करोड़ रुपये हो गया. 

 

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