देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें (FD Rates) बढ़ा दी हैं. अब SBI में डिपॉजिट के रूप में पैसे रखने पर अधिक ब्याज मिलेगा. एफडी पर बढ़ी हुई ब्याज दरें 22 अक्टूबर 2022 से प्रभावी होंगी. बैंक के इस कदम से ऐसे ग्राहकों को अधिक फायदा होगा, जो फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा राशि पर निर्भर रहते हैं. हाल ही में बैंक ने अपना कर्ज महंगा कर दिया था. अब उसने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाकर ग्राहकों को राहत देने की कोशिश की है.
कितनी बढ़ी ब्याज दर
स्टेट बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दरों में मैक्सिमम 80 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है. नई दरें दो करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर लागू होंगी. एसबीआई ने ये इजाफा 211 दिन से एक साल तक यानी कम अवधि के डिपॉजिट की ब्याज दरों में किया है. ग्राहकों को अब तक एफडी पर 4.70 फीसदी की दर से ब्याज मिलता था. ये बढ़कर अब 5.50 फीसदी हो जाएगा. इसके अलावा बैंक ने अन्य अवधि के एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी इजाफा किया है.
अवधि के हिसाब से बढ़ोतरी
180 से 210 दिनों की अवधि में मैच्योर होने वाली एफडी की ब्याज दरों में 60 बेसिसि प्वाइंट का इजाफा हुआ है. इसी तरह की बढ़ोतरी दो साल से तीन साल से कम की अवधि के लिए की है. इस अवधि की ब्याज दर 5.65 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दी गई है. 46 दिनों से 179 दिनों की अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है और अब यह 4.50 फीसदी हो गई है.
एक से दो साल की कम अवधि वाले एफडी की मौजूदा ब्याज दर को 5.60 फीसदी से बढ़ाकर 6.10 फीसदी कर दिया गया है. एसबीआई ने सात दिनों से 45 दिनों की अवधि की वाले एफडी पर ब्याज दर तीन फीसदी रखा है. इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं हुआ है.
महंगा हुआ है कर्ज
हाल ही में एसबीआई ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) बढ़ाए हैं. इस वजह से सभी तरह के लोन (Loan) महंगे हो गए हैं और लोगों की ईएमआई भी बढ़ी है. महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक इस साल मई से लेकर अब तक चार बार रेपो रेट में इजाफा कर चुका है. इस वजह बैंक की ब्याज दर में बदलाव देखने को मिल रहा है.