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ग्राहक डिजिटल लेनदेन की दिक्कतों से बेहाल! एचडीएफसी बैंक, आयकर विभाग के बाद अब SBI की बारी

देश में डिजिटल लेन-देन से जुड़ी परेशानियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. तभी तो लगातार तीसरे दिन डिजिटल लेनदेन करने वाले ग्राहकों की हालत पस्त रही. बृहस्पतिवार को देश के सबसे बड़े बैंक SBI के ग्राहकों को ये जहमत उठानी पड़ी, जानें क्या है पूरा मामला

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बाधित रही एसबीआई योनो की सेवाएं (फाइल फोटो)
बाधित रही एसबीआई योनो की सेवाएं (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जब टूट गया आधार को पैन से जोड़ने का लिंक!
  • डिजिटल वॉलेट मोबिक्विक के ग्राहकों का डेटा चोरी!

देश में डिजिटल लेन-देन से जुड़ी परेशानियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. तभी तो लगातार तीसरे दिन डिजिटल लेनदेन करने वाले ग्राहकों की हालत पस्त रही. बृहस्पतिवार को देश के सबसे बड़े बैंक SBI के ग्राहकों को ये जहमत उठानी पड़ी, जानें क्या है पूरा मामला

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मेंटिनेंस के चलते बंद रही SBI की डिजिटल सेवाएं
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की डिजिटल सेवाएं बृहस्पतिवार को बाधित रहीं. हालांकि बैंक ने सर्वर मेंटिनेंस की बात कहकर लोगों को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 40 मिनट तक सेवाएं बाधित रहने की सूचना दी थी.
 

लेकिन ट्विटर पर कई ग्राहकों ने इसके सुबह 10 बजे से बंद होने की शिकायत की. तो कुछ ग्राहकों ने दिन के समय मेंटिनेंस किए जाने को लेकर सवाल उठाए. नेटबैंकिंग, यूपीआई और योनो ऐप समेत बैंक की कोई भी डिजिटल सेवा बृहस्पतिवार को सही से काम नहीं कर रही थी.

जब टूट गया आधार को पैन से जोड़ने का लिंक
बुधवार को बीते वित्त वर्ष के आखिरी दिन इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट लगभग सारा दिन ठप रही. इसके चलते लोगों को आधार और पैन को जोड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसका असर ये हुआ कि सरकार को आखिरी घंटों में आधार और पैन लिंक करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 से बढ़ाकर 30 जून 2021 कर दी.
 

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HDFC Bank के ग्राहक रहे बेहाल
इससे पहले मंगलवार को देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के ग्राहकों को भी तकनीकी समस्या के कारण डिजिटल बैंकिंग में परेशानी हुई. एचडीएफसी बैंक के साथ तो यह समस्या कई बार आ चुकी है जिसके चलते आरबीआई तक को उसे टोकना पड़ा है.

डिजिटल बैंकिंग का डेटा चोरी
इस सप्ताह की शुरुआत में ही डिजिटल बैंकिेंग के ग्राहकों को एक और समस्या का सामना करना पड़ा. मोबाइल वालेट कंपनी मोबिक्विक के ग्राहकों के कथित डेटा चोरी होने की खबरों ने देश में डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगाया. इस डेटा लीक में करीब 10 करोड़ ग्राहकों के बैंकिंग लेनदेन की जानकारी ऑनलाइन साझा होने की बात कही गई है.

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