पिछले साल एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड एक कंपनी पर सेबी ने बड़ा एक्शन लिया है. सेबी ने कालाहरिधान ट्रेंडज (Kalahridhaan Trendz Ltd) को अगले ऑर्डर तक सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया है. कंपनी के डायरेक्टर्स पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है. इस कंपनी पर कार्रवाई होते ही कंपनी के शेयर क्रैश हो गए. इस शेयर में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा और भाव 19 रुपये पर आ गया.
टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की यह कंपनी 23 फरवरी, 2024 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी. सेबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अपने बकाया भुगतान में चूक के संबंध में जानकारी नहीं दी, जिस कारण इसपर एक्शन लिया गया है.
क्यों सेबी ने किया बैन?
इसके अलावा, झूठी और भ्रामक ऐलान किए गए. सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने कहा कि झूठी और भ्रामक घोषणाओं के कारण स्टॉक पर पॉजिटिव असर हुआ, जिससे वॉल्यूम बढ़ा. वॉल्यूम बढ़ने का मतलब ज्यादा लोग शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. कंपनी ने संभावनाओं की एक अच्छी तस्वीर पेश करने और निवेशकों को कंपनी के शेयरों में ट्रेड करने के लिए प्रेरित करने के लिए उक्त कॉर्पोरेट घोषणाएं की थीं. इस तरह का काम करके कंपनी ने सिक्योरिटी मार्केट में धोखाधड़ी करने में लिप्त रही.
फंस सकते हैं निवेशक
सेबी के सदस्य ने कहा कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है, क्योंकि प्रमोटर्स के लिए 1 साल केा लॉक इन 23 फरवरी, 2025 के आसपास समाप्त हो रहा है. सेबी के नियम के मुताबिक लॉक इन समाप्त होने के बाद प्रमोटर्स शेयर बेचना शुरू कर सकते हैं और कंपनी से बाहर निकल सकते हैं, जिसके बाद रिटेल इन्वेस्टर्स इस स्टॉक में फंस सकते हैं. SEBI ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर निरंजन डी अग्रवाल, डायरेक्टर आदित्य अग्रवाल और गैर-कार्यकारी निदेशक सुनीतादेवी निरंजन अग्रवाल पर रोक लगाई है.
राइट इश्यू पर भी लग सकती है रोक
कंपनी के बोर्ड ने राइट इश्यू के जरिए फंड जुटाने की भी मंजूरी दे दी है, जिसे लेकर सेबी का कहना है कि इसे रोका नहीं गया तो कुछ और निवेशक इस शेयर में फंस सकते हैं. इस कारण इसपर भी रोक लगाने पर विचार किया जा रहा है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)