बीते कुछ दिनों में मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) चीफ पर कांग्रेस पार्टी हमलावर बनी हुई है. सितंबर महीने की शुरुआत में ही कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए और इनमें बुच दंपति की सेंट्रल मुंबई स्थित प्रॉपर्टी से होने वाली रेंटल इनकम को लेकर सवाल खड़े किए थे. अब इस मामले में माधबी बुच और उनके पति धवल बुच ने सफाई देते हुए कहा है कि कांग्रेस के आरोप झूठे और निराधार हैं, इनमें कोई सच्चाई नहीं है.
कांग्रेस ने ऐसे साधा था निशाना
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सेबी चीफ माधबी पुरी बुच पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी एक संपत्ति मुंबई की एक ऐसी कंपनी को किराए पर दे दी है, जिसका 'संबद्ध' मार्केट रेग्युलेटर की जांच के दायरे में आई एक फर्म से है. उन्होंने कहा था कि Madhabi Puri Buch 2018-19 में सेबी की पूर्णकालिक सदस्य थीं, जब उन्होंने अपनी एक संपत्ति किराए पर दी थी. 2018-19 में इस संपत्ति का किराया 7 लाख था, 2019-20 में यह बढ़कर 36 लाख हो गया. 2023-24 में यह बढ़कर 46 लाख रुपये हो गया. यह संपत्ति कैरोल इंफो सर्विसेज लिमिटेड को किराए पर दी गई थी, जिसका वॉकहार्ट लिमिटेड से कनेक्शन है. वहीं सेबी वॉकहार्ट के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के मामलों से की जांच कर रही है.
बुच दंपति ने आरोपों को बताया झूठा
शुक्रवार को इस मामले में SEBI चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने सेंट्रल मुंबई में स्थित इस लग्जरी अपार्टमेंट से किराए की आय के बारे में स्टेटमेंट जारी कर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि यह प्रॉपर्टी सामान्य रूप से किराए पर दी गई थी और इससे हुई रेंटल इनकम पूरी तरह से मार्केट रेट्स के अनुसार है, इसका SEBI की किसी भी जांच से कोई संबंध नहीं है. स्टेटमेंट में उन्होंने कहा कि इस मामले में लगाए गए ये आरोप न केवल मानहानिकारक, झूठे और परेशान करने वाले हैं, बल्कि स्पष्ट रूप से दुर्भावनापूर्ण हैं. माधबी पुरी बुच और उनके पति ने कहा है कि
अपने स्टेटमेंट में बुच दंपति ने साफ किया कि किराये का समझौता नियमों के मुताबिक किया गया था, जिसमें किराये की इनकम (Rental Income) घोषित की गई थी और टैक्स का पेमेंट भी किया गया था. उन्होंने कहा कि अगर इंटरनेट सर्च के जरिए देखेंगे तो पता चलेगा कि प्रॉपर्टी से किराये की आय पूरी तरह से मार्केट रेट्स के अनुरूप थी. ऐसे में कांग्रेस के इस तरह के दावे कि इसके किराये की दरें बाजार से बाहर थीं, पूरी तरह से गलत हैं. बिजनेस टुडे के मुताबिक, मुंबई के विवरिया कॉम्प्लेक्स में आलीशान अपार्टमेंट में वॉकहार्ट के अधिकारी रहते थे.
हिंडनबर्ग ने भी SEBI चीफ पर साधा था निशाना
अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindnenburg) ने भी सेबी चीफ पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इनमें अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में माधवी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) और उनके पति की हिस्सेदारी का दावा किया गया था. हालांकि, सेबी चीफ और उनके पति ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था. बुच दंपति ने स्टेटमेंट जारी कर कहा था कि कुछ भी नहीं छिपाया गया और आरोपों में कोई सच्चाई नहीं. बुच दंपति के साथ ही अडानी ग्रुप ने आरोपों को आधारहीन बताते हुए इसे मुनाफा कमाने और बदनाम करने की साजिश करार दिया था.