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कहीं आप तो नहीं फंस गए? NSE-BSE ने बैन किया ये शेयर... खतरे में 5.7 लाख लोगों का पैसा

कंपनी ने 2014-15 से 5 साल तक अपने खर्चों को कम और मुनाफे को ज्यादा बताया था. इसके चलते कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के बाद ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयर लोअर सर्किट लगा रहे हैं.

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ब्राइटकॉम ग्रुप शेयरों पर ट्रेडिंग होगी बंद
ब्राइटकॉम ग्रुप शेयरों पर ट्रेडिंग होगी बंद

शेयर बाजार में अब एक बड़ी कंपनी के शेयरों को खरीद या बेच नहीं पाएंगे. बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) और नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (NSE) पर इसके शेयरों में 14 जून से ट्रेडिंग नहीं होगा. यह डिजिटल मार्केटिंग सॉल्‍यूशंस कंपनी ब्राइटकॉम ग्रुप (Brightcom Group) है, जो मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी के नियमों का उल्‍लघंन कर रही थी. 

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कंपनी ने 2014-15 से 5 साल तक अपने खर्चों को कम और मुनाफे को ज्यादा बताया था. इसके चलते कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के बाद ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयर लोअर सर्किट लगा रहे हैं. दो दिन से इसके शेयरों में करीब 5-5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है. इसके चलते कोई भी निवेशक इस कंपनी का स्‍टॉक बेच नहीं पा रहा है, जिसके चलते 5.7 लाख निवेशकों का पैसा फंस चुका है. 

क्‍या कभी शुरू हो सकती है ट्रेडिंग? 
NSE ने बुधवार को एक सर्कुलर जारी किया और बताया कि वित्तीय नतीजों में हेरफेर के चलते सेबी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है. सेबी ने कंपनी द्वारा दाखिल किए गए सितंबर और दिसंबर तिमाही के नतीजों पर भी सवाल उठाए हैं. इसलिए 14 जून, 2024 से ब्राइटकॉम ग्रुप के स्टॉक की ट्रेडिंग बंद कर दी जाएगी. अगर कंपनी सेबी के नियमों पर खरी उतरती है तो आगे उसके शेयरों की ट्रेडिंग फिर शुरू होगी. 

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जब्‍त होंगे सभी शेयरहोल्डिंग 
ट्रेडिंग बंद होने के 15 दिन के बाद कंपनी की सिक्‍योरिटीज में छह महीने के लिए हर सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन ट्रेडिंग की अनुमति दी जाएगी. बीएसई ने बताया कि शेयरों पर बैन के बाद प्रमोटर्स की पूरी शेयर होल्डिंग और डीमैट अकाउंट में पड़े इस कंपनी के शेयर भी जब्‍त रहेंगी. ब्राइटकॉम ग्रुप के प्रमोटर्स के पास इसकी 18.38 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है, जबकि 81.62 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक के पास है. कुल इस कंपनी के 5.7 लाख इन्‍वेस्‍टर्स हैं. 

इसमें एक दिग्‍गज कंपनी वैनगार्ड की भी हिस्‍सेदारी है. इसके अलावा एफपीआई एलजीओएफ ग्लोबल ऑपरच्युनिटी फंड की इसमें 2.48 फीसदी, दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा की 1.14 फीसदी और सुब्रतो साहा की 2.02 फीसदी हिस्सेदारी है. 

1280 करोड़ की छुपाई जानकारी 
हैदराबाद की इस कंपनी पर सेबी ने पिछले दो साल से नजर बनाकर रखी थी. पूरी जानकारी नहीं देने के कारण कंपनी पर कार्रवाई हुई है. सेबी ने कहा कि कंपनी वित्तीय नतीजों में हेरफेर कर फर्जीवाड़ा कर रही थी. कंपनी ने लगभग 1280 करोड़ रुपये की जानकारी छिपाई है. 

(नोट-किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर लें.)   

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