scorecardresearch
 

वो 7 कंपनियां जिन्हें रतन टाटा ने जीरो से हीरो बना दिया... दुनिया में बोलती है तूती

आलम ये है कि आज टाटा ग्रुप की कई कंपनियां विदेशों में भी अपना मजबूत पकड़ बना चुकी हैं और इनका बड़ा नाम है. आज हम ऐसे ही 7 कंपनियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे रतन टाटा ने जीरो से हीरो बना दिया.

Advertisement
X
Ratan Tata
Ratan Tata

रतन टाटा की परोपकारी और सादगी भरे जीवन के बारे में तो हर किसी ने सुना हुआ है. वे इतन बड़े परोपकारी इंसान थे कि उन्‍होंने अपनी आधी से ज्‍यादा प्रॉपर्टी दान कर दी. रतन टाटा ने अपने जीवन में कई बड़े मुकाम हासिल किए और उनके नाम कई उपलब्धियां भी हैं. इतना ही नहीं रतन टाटा ने Tata Group को वहां पहुंचा दिया, जहां किसी भी कंपनी का पहुंचना आसान बात नहीं था. दिग्‍गज उद्योगपति ने Tata ग्रुप का विदेशों में भी दबदबा बढ़ाया. 

Advertisement

आलम ये है कि आज टाटा ग्रुप की कई कंपनियां विदेशों में भी अपना मजबूत पकड़ बना चुकी हैं और इनका बड़ा नाम है. आज हम ऐसे ही 7 कंपनियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे रतन टाटा ने जीरो से हीरो बना दिया. ये कंपनियां कंगाली की कगार पर खड़ी थीं, लेकिन रतन टाटा (Ratan Tata) ने इन्‍हें सिर्फ कंगाली से ही नहीं उबारा, बल्कि एक बड़ी कंपनी भी बना डाली. 

1. बिग बॉस्‍केट 
टाटा ग्रुप (Tata Group) ने बिग बॉस्‍केट को 2021 में खरीदा था और फिर उसे भारत की सबसे बड़ी ग्रॉसरी कंपनी बना दी थी. टाटा ग्रुप के तहत टाटा डिजिटल ने यह डील 2 अरब डॉलर के वैल्‍यूवेशन पर की थी. उस दौरान बिग बॉस्‍केट की बिक्री तो अच्‍छी हो रही थी, लेकिन ज्‍यादा प्रॉफिट नहीं हो पा रही थी. ऐसे में टाटा ग्रुप की इस डील के बाद बिग बॉस्‍केट तेजी से दौड़ने लगा. 

Advertisement

2. लैंड रोअर और जुगवार को खरीदा 
बात 1999 की है जब टाटा मोटर्स की पहली कार टाटा इंडिका बाजार में कुछ खास नहीं कर रही थी, विदेशी कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा था. ऐसे में रतन टाटा ने टाटा मोटर्स को बेचने का फैसला किया और बिल फोर्ड से मिले. उस समय फोर्ड एक अच्‍छी कंपनी थी और इसके पास जुगवार और लैंड रोवर जैसे लग्‍जरी सेगमेंट थे. 

बिल फोर्ड ने बड़े अहंगार से रतन टाटा को ताना मारा था, फिर क्‍या था रतन टाटा बिना ये डील किए इंडिया वापस आ गए और टाटा मोटर्स को एक नई ऊंचाईंयों पर पहुंचा दिया. जब साल 2008 में अमेरिका में मंदी के दौरान फोर्ड की भी हालत खराब हुई तो रतन टाटा ने लैंड रोवर और जुगवार सेगमेंट को 2.3 बिलियन डॉलर में खरीद लिया और आज ये लग्‍जरी ब्रांड बन चुका है. 

Ratan Tata Companies

3. जब देवू कमर्शियल व्हीकल को खरीदा 
रतन टाटा ने कोरिया की एक कंपनी देवू कमर्शियल व्हीकल को खरीदा था. ये कंपनी कमर्शियल व्‍हीकल बनाती थी. इस डील के बाद ही टाटा मोटर्स की कोरिया में पहुंच बढ़ी थी. साल 2004 में 102 मिलियन डॉलर में टाटा मोटर्स ने भारत की सबसे बड़ी डील की थी. ये कंपनी उस समय घाटे में चल रही थी. हालांकि रतन टाटा के खरीदने के बाद ये कंपनी प्रॉफिटेबल बनती गई और आज बड़ा नाम है. 

Advertisement

4. टाटा ग्रुप की कैसे हुई कोरस स्‍टील? 
कोरस ग्रुप यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी और विश्व की आठवीं सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी थी. इस कंपनी का स्‍टील सेगमेंट पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं चल रहा था. इस बीच, रतन टाटा ने इस ग्रुप की कोरस स्‍टील कंपनी को खरीदने के लिए 11.3 अरब डॉलर की पेशकश की थी, जिसके बाद कंपनी ने सहमति जाता दी और फिर ये साल 2012 में टाटा ग्रुप की कंपनी हो गई.  आज ये कंपनी यूरोप के साथ ही दुनिया भर में स्‍टील सप्‍लाई के लिए बड़ी उत्‍पादक कंपनी है. 

5. Tately Tea कंपनी से डील
रतन टाटा ने चाय बिजनेस में अपना कद बढ़ाने के लिए साल 2000 में टेटली टी को 431.3 मिलियन डॉलर में खरीदा था. अब ये चाय टाटा टी के लग्‍जरी ब्रांड बन चुका है. 

Ratan Tata

6. एयर इंडिया की डील 
शायद टाटा ने जो आखिरी कारोबारी लड़ाई लड़ी, वह उनके लिए सबसे संतोषजनक रही. साल 2021 में, टाटा संस ने देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया का नियंत्रण फिर से हासिल कर लिया, जो राज्य द्वारा अधिग्रहित किए जाने के लगभग 90 साल बाद हासिल हुआ था. हालांकि एयर इंडिया की शुरुआत रतन टाटा के चाचा जेआरडी टाटा ने ही किया था, लेकिन कुछ साल बाद इसे सरकारी कंपनी बना दिया गया था. 

Advertisement

7. टाटा 1MG 
Ratan Tata की कंपनी ने 1MG कंपनी खरीदी है, जो हेल्‍थ सेक्‍टर में काम करती है. यह कंपनी पहले सिर्फ ऑनलाइन दवाएं प्रोवाइड कराती थी, लेकिन अब ये कंपनी डॉक्‍टरों की सलाह, दवाएं और अन्‍य सुविधाएं भी प्रोवाइड कराने लगी है. ये कंपनी तेजी से ऑनलाइन मार्केट को कैप्‍चर कर रही है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement