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Tarsons Products के शेयरों की लिस्ट‍िंग आज, हो सकती है अच्छी कमाई

Tarsons Products Listing: ग्रे मार्केट में इसकी खरीद-फरोख्त करीब 180 रुपये प्रीमियम पर हुई है. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज इसके निवेशकों को अच्छी कमाई हो सकती है.  

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आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्ट‍िंंग (फाइल फोटो: Getty Images)
आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्ट‍िंंग (फाइल फोटो: Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीएसई और एनएसई में होगी लिस्ट‍िंंग
  • निवेशकों को अच्छी कमाई की उम्मीद

लाइफ साइंसेज कंपनी टारसन्स प्रोडक्ट्स (Tarsons Products) की आज यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में लिस्ट‍िंग है. ग्रे मार्केट में शानदार प्रीमियम (GMP) से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज इसके निवेशकों को अच्छी कमाई हो सकती है.  

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ग्रे मार्केट में इसकी खरीद-फरोख्त करीब 180 रुपये प्रीमियम पर हुई है. कई एनालिस्ट का अनुमान है कि Tarsons Products का शेयर करीब 27 फीसदी प्रीमियम पर 842 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है. गौरतलब है कि Tarsons Products के आईपीओ में इश्यू प्राइस 662 रुपये है. 

टारसन्स प्रोडक्ट्स का आईपीओ निवेश के लिए 15 नवंबर को खुला था और 17 नवंबर को बंद हुआ था. यह आईपीओ बिडिंग के अंतिम दिन 77.49 गुना सब्सक्राइब हुआ था. इसके लिए ऑफर साइज 1.08 करोड़ शेयरों का ही था, लेकिन 84.02 करोड़ शेयरों के लिए बिड हासिल हुआ है. इस आईपीओ से कंपनी करीब 1024 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद रखती है. कंपनी ने एंकर निवेशकों से 306 करोड़ रुपये जुटाए हैं. 

इस आईपीओ में 60,000 शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्ष‍ित थे. इश्यू साइज का आधा हिस्सा पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए, 15 फीसदी हिस्सा गैर संस्थागत निवेशकों के लिए और करीब 35 फीसदी हिस्सा रिटेल यानी छोटे निवेशकों के लिए था.

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पैसे का क्या करेगी कंपनी 

इस आईपीओ के तहत कंपनी 150 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों का फ्रेश इश्यू जारी करेगी और 1.32 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल लेकर आएगी. कंपनी इस आईपीओ से मिली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, पूंजीगत व्यय का एक हिस्सा चुकाने और पश्चिम बंगाल के पंचला में नए कारखाने के निर्माण में करेगी. 

क्या करती है कंपनी

Tarsons Products ऐसे कई लैबवेयर प्रोडक्ट की डिजाइनिंग, विकास,मैन्युफैक्चरिंग औरआपूर्ति करती है जिनका इस्तेमाल रिसर्च संस्थाओं, एकेडमिक संस्थाओं, दवा कंपनियों, डायग्नॉस्ट‍िक्स कंपनियों और अस्पतालों में होता है. इसके पश्चिम बंगाल में पांच कारखाने हैं.

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