सोमवार का दिन घरेलू शेयर बाजार के लिए सबसे बुरे दिनों में से एक साबित हुआ. ओमिक्रॉन (Omicron) और एफपीआई (FPI) की निकासी के कारण बाजार में पिछले सप्ताह की गिरावट जारी रही. सोमवार को दोनों प्रमुख सूचकांक दो फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए.
प्री-ओपन सेशन (Pre-Open Session) में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 500 अंक से अधिक गिरकर 56,500 अंक के आस-पास कारोबार कर रहा था. जैसे ही बाजार खुला सेंसेक्स 675 अंक से अधिक (1.19 फीसदी) गिरकर 56,335 अंक के पास आ गया. इसी तरह एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 218.10 अंक यानी 1.28 फीसदी गिरकर 16,765 अंक पर आ गया. कुछ ही मिनटों के कारोबार में यह गिरावट और बड़ी हो गई.
सुबह 10 बजे के करीब सेंसेक्स 1035.86 अंक यानी 1.82 फीसदी गिरकर 55,975.88 अंक पर कारोबार कर रहा था. एनएसई निफ्टी 323 अंक यानी 1.90 फीसदी गिरकर 16,662.20 अंक पर कारोबार कर रहा था. दिन के कारोबार के दौरान गिरावट गहराते गई. दोपहर एक बजे के आस-पास बाजार तीन फीसदी से अधिक गिर चुके थे. सेंसेक्स 1747.6 अंक (3.07 फीसदी) की गिरावट के साथ 55,264.14 अंक पर आ गया था. निफ्टी भी 551.20 अंक (3.25 फीसदी) टूटकर 16,434.00 अंक पर आ गया था.
बाद में बाजार ने कुछ रिकवरी की, लेकिन फिर भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट में रहा. बीएसई सेंसेक्स 1189.73 अंक यानी 2.09 फीसदी गिरकर 55,822.01 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी 371.00 अंक (2.18 फीसदी) टूटकर 16,614.20 अंक पर बंद हुआ.
बाजार में पिछले सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. सेंसेक्स 1,774.93 अंक यानी 3 फीसदी गिरकर 57,011.74 अंक पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी50 में भी 526.1 अंक की गिरावट रही थी और यह 16,985.2 अंक पर बंद हुआ था. यह दो लगातार सप्ताह की तेजी के बाद आई गिरावट है. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले, एफपीआई की लगातार बिकवाली, उच्च स्तर पर हो रही मुनाफावसूली जैसे फैक्टर बाजार को कमजोर बनाए हुए हैं.
इस महीने एफपीआई अब तक बिकवाल बने हुए हैं. एफपीआई ने 26,687.46 करोड़ रुपये की इक्विटी की बिक्री की है. एफपीआई ने सिर्फ बीते सप्ताह में ही 10,452.27 करोड़ रुपये की बिकवाली कर दी. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदार बने हुए हैं. डीआईआई ने पिछले सप्ताह 6,341.14 करोड़ रुपये और इस महीने अब तक 20,041.94 करोड़ रुपये की खरीदारी की है.