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Share Market Crash: बंद होते-होते बिखर गया बाजार, साल की सबसे बड़ी गिरावट

बाजार को न तो घरेलू फ्रंट पर कोई सपोर्ट मिला और न ही बाहरी बाजारों से कोई पॉजिटिव क्लू. घरेलू मोर्चे पर एबीजी शिपयार्ड घोटाले ने हालत खराब की तो ग्लोबल फ्रंट पर यूक्रेन संकट ने निवेशकों के बीच डर का माहौल कायम किया.

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बन गया गिरने का रिकॉर्ड
बन गया गिरने का रिकॉर्ड
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चौतरफा बिकवाली से बना गिरने का रिकॉर्ड
  • स्वाहा हो गए इन्वेस्टर्स के 6 लाख करोड़

Stock Market Crash News: यूक्रेन को लेकर बन रही युद्ध की स्थिति और देश में सबसे बड़ा बैंक घोटाला सामने आने के बाद सोमवार को शेयर बाजार लहूलुहान हो गया. सप्ताह के पहले ही दिन बाजार में बिकवाली का ऐसा आलम रहा कि करीब साल भर की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट का रिकॉर्ड बन गया. बाजार की इस उल्टी चाल में इन्वेस्टर्स के लाखों करोड़ों के व्यारे-न्यारे हो गए.

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पहले से ही हो रहा था अंदेशा

आज सेशन शुरू होने के पहले से ही इस बात के संकेत मिल रहे थे कि बाजार भरभरा सकता है. प्री-ओपन में ही सेंसेक्स करीब 1500 अंक (2.46 फीसदी) गिरा हुआ था. कारोबार की जैसे ही शुरुआत हुई, सेंसेक्स करीब 1,200 अंक गिरकर खुला. कुछ ही मिनटों में यह 1,500 अंक तक गिर गया. बाद में बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी का प्रयास किया, लेकिन पूरे दिन के कारोबार में कभी भी गिरावट का आंकड़ा 1000 अंक से कम नहीं हो पाया.

इतना गिरा कि बन गया रिकॉर्ड

जब कारोबार समाप्त हुआ तो बीएसई 1,747.08 अंक (3 फीसदी) गिरकर 56,405.08 अंक पर रहा. इसी तरह एनएसई निफ्टी 531.95 अंक (3.06 फीसदी) गिरकर 16,842.80 अंक पर बंद हुआ. यह दोनों मेजर इंडेक्स के लिए करीब एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है. इससे पहले पिछले साल 26 फरवरी को सेंसेक्स में 1,940 अंक और निफ्टी में 568 अंक की गिरावट आई थी.

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बाजार को सता रहा इन बातों का डर

घरेलू बाजार के लिए पिछला सप्ताह भी बुरा साबित हुआ था. बजट के चलते बाजार में आई तेजी पहले ही गायब हो चुकी थी और बाजार बजट से पहले के स्तर से भी नीचे आ चुका है. पिछले सप्ताह बाजार अमेरिका में ब्याज दर जल्दी बढ़ाये जाने की चिंता से परेशान था. अभी यह तनाव कम भी नहीं हुआ था कि यूक्रेन संकट ने बाजार की हालत और बिगाड़ दी. यूक्रेन संकट के चलते कच्चा तेल 7 साल के उच्च स्तर पर जा चुका है. एनालिस्ट आशंका जता रहे हैं कि क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह ग्लोबल इकोनॉमी के ग्रोथ पर भारी बोझ डालेगा. इसके अलावा घरेलू मोर्चे पर एबीजी शिपयार्ड का घोटाला सामने आने से बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर प्रेशर है.

पिछले सप्ताह भी गिरा था बाजार

पिछले सप्ताह के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को बाजार 1000 अंक तक गिर गया था. बाद में सीमित रिकवरी हुई और सेंसेक्स 773.11 (1.31 फीसदी) गिरकर 58,152.92 अंक पर बंद हुआ था. इसी तरह निफ्टी 231.10 अंक (1.31 फीसदी) लुढ़ककर 17,374.75 अंक पर बंद हुआ था. शुक्रवार को बाजार गिराने में आईटी कंपनियों का सबसे बड़ा हाथ था.

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भयानक बिकवाली में भी फायदे में रही टीसीएस

सेंसेक्स में देखें तो आज टीसीएस एकमात्र कंपनी रही, जो फायदे में रही. टीसीएस का शेयर बीएसई पर 1.05 फीसदी चढ़कर बंद हुआ. दूसरी ओर बाकी के सभी 29 शेयर नुकसान में रहे. टाटा स्टील को सबसे ज्यादा 5.49 फीसदी का घाटा हुआ. एसबीआई और एचडीएफसी के शेयर भी 5-5 फीसदी से ज्यादा टूट गए. कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक 4.73 फीसदी तक के नुकसान में रहे.

बैंकिंग, फाइनेंशियल शेयरों का बुरा हाल

एनएसई पर सबसे ज्यादा गिरावट Nifty PSU Bank इंडेक्स में देखने को मिली. कारोबार बंद होने के बाद यह 5.95 फीसदी के नुकसान में रहा. निफ्टी बैंक (Nifty Bank) 4.18 फीसदी से और निफ्टी प्राइवेट बैंक (Nifty Pvt Bank)  4.03 फीसदी लुढ़क गया. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस में 4.18 फीसदी की गिरावट आई. इसी तरह बीएसई पर S&P BSE Bankex इंडेक्स 4.25 फीसदी के नुकसान में रहा. सबसे ज्यादा 5.05 फीसदी के नुकसान में मेटल इंडेक्स रहा.

भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला

एबीजी शिपयार्ड के इस घोटाले (ABG Shipyard Fraud) में 22,842 करोड़ रुपये के फ्रॉड की जानकारी सामने आई है. इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला माना जा रहा है. सीबीआई (CBI) ने हाल ही में इस घोटाले को लेकर कंपनी के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एबीजी शिपयार्ड को आईसीआईसीआई बैंक की अगुवाई में करीब दो दर्जन बैंकों के एक समूह ने लोन दिया था. फोरेंसिक ऑडिट में पता चला है कि बैंकों से मिले इस फंड का गलत तरीके से हेरफेर किया गया है.

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