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इन दिनों स्टार्टअप (Startup) और फाउंडर (Founder) के बीच विवाद के कई मामले सामने आए हैं. इस साल की शुरुआत में भारतपे (BharatPe) और अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) का विवाद खूब चर्चा में रहा था. अब सिंगापुर बेस्ड स्टार्टअप जिलिंगो (Zilingo) ने अपनी को-फाउंडर व सीईओ अंकिति बोस (Ankiti Bose) को विवादों के बाद कंपनी से बाहर कर दिया है. जिलिंगो ने इससे पहले 12 अप्रैल को अंकिति को सस्पेंड कर दिया था.
कंपनी ने बयान में दी ये जानकारी
जिलिंगो का कहना है कि अंकिति को वित्तीय अनियमितता के चलते बहर का रास्ता दिखाया गया है. कंपनी ने एक बयान में कहा, 'वित्तीय अनियमितता की जांच करने के लिए हायर किए गए एक इंडीपेंडेंट फॉरेंसिक फर्म की जांच के बाद कंपनी ने अंकिति बोस की नौकरी समाप्त करने का निर्णय लिया है. कंपनी के पास इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाने का विकल्प खुला हुआ है.'
अंकिति ने इंस्टा पर किया रिएक्ट
अंकिति बोस ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर कंपनी के कदम पर प्रतिक्रिया दी है. अंकिति का कहना है, 'एक अज्ञात व्हिसल ब्लोअर की शिकायत पर मुझे सस्पेंड किया गया और मैं 51 दिनों से सस्पेंडेड थी. अब मुझे बताया जा रहा कि मेरी नौकरी समाप्त की जा रही है. मुझे इस आधार पर सस्पेंड किया गया था कि Kroll को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया गया है. मैंने न तो Kroll या Deloitte की रिपोर्ट देखी है और न ही मुझे मांगे गए दस्तावेज पेश करने का पर्याप्त समय दिया गया.' अंकिति ने इसे विच-हंट बताते हुए साथ ही यह भी जोड़ा कि वह इस मामले में कानून का सहारा लेंगी.
ऐसे बढ़ा कंपनी और अंकिति का विवाद
जिलिंगो दक्षिण-पूर्वी एशिया की सबसे नामी स्टार्टअप कंपनियों में से एक है. पिछले कई दिनों से जिलिंगो, कंपनी के बोर्ड और अंकिति बोस के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है. कंपनी ने अंकिति के ऊपर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था, तो अंकिति ने बोर्ड के खिलाफ हरासमेंट की शिकायत की थी. इन सब विवादों के बीच अंकिति को सबसे पहले 11 मार्च को सीईओ पद से सस्पेंड किया गया था. इसके बाद 12 अप्रैल को उन्हें कंपनी से ही सस्पेंड कर दिया गया था. अब अंकिति की नौकरी ही समाप्त कर दी गई है.