सोना (Gold) भारतीय लोगों के लिए हमेशा से पसंदीदा रहा है. इसकी गिनती इन्वेस्टमेंट (Gold Investment) के पारम्परिक तरीकों में होती है. खासकर भारत में गहनों के अलावा भी सोने को निवेश के साधन के रूप में पुराने जमाने से इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसे अनिश्चितता भरे समय में सुरक्षित निवेश माध्यमों में से एक माना जाता है. इसका कारण है कि यह लॉन्ग टर्म में हमेशा फायदा ही देकर जाता है. हालांकि सोने के जेवर-गहने आदि खरीदने के साथ में कुछ रिस्क भी होते हैं, जैसे चोरी हो जाने का डर, लॉकर में रखने पर उसका चार्ज आदि. ऐसे में सरकार ने लोगों को फिर से एक सुनहरा मौका दिया है. इसमें न सिर्फ सोने की सुरक्षित खरीद करने का मौका मिलेगा, बल्कि सरकार खुद इसे बाजार से कम दाम पर भी बेचेगी.
इस तारीख तक खुली रहेगी दूसरी सीरीज
दरअसल हम बात कर रहे हैं केंद्र सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) की. केंद्र सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) की दूसरी सीरीज की शुरुआत आज से हो गई है. इस गोल्ड बॉन्ड स्कीम में 26 अगस्त तक निवेश किया जा सकता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गोल्ड बॉन्ड (Gold Bond) की की कीमत तय करता है. इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की पहली सीरीज जून महीने में आई थी.
पहली सीरीज से इतनी ज्यादा कीमत
रिजर्व बैंक के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की दूसरी सीरीज के तहत इसकी कीमत 5,197 रुपये प्रति ग्राम तय की गई है. यह इश्यू प्राइस इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की क्लोजिंग प्राइस की औसत वैल्यू पर आधारित है. इसके लिए सब्सक्रिप्शन पीरियड वाले सप्ताह से ठीक पहले के 03 वर्किंग डेज की कीमतों को आधार बनाया जाता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की दूसरी सीरीज की बात करें तो इसके इश्यू प्राइस के निर्धारण के लिए 17 अगस्त, 18 अगस्त और 19 अगस्त की क्लोजिंग प्राइसेज को आधार बनाया गया है. इस बार गोल्ड बॉन्ड की कीमत जून में आई पहली सीरीज की तुलना में 106 रुपये ज्यादा है. जून में आई पहली सीरीज के तहत इश्यू प्राइस 5,091 रुपये प्रति ग्राम तय की गई थी.
डिजिटल पेमेंट पर मिलेगी छूट
रिजर्व बैंक के अनुसार, अगर कोई इन्वेस्टर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में ऑनलाइन पैसे लगाता है, तो उसे 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी. इस तरह ऐसे लोगों को महज 5,147 रुपये प्रति ग्राम की दर से ही सोना मिल जाएगा. ये बॉन्ड स्कीम आठ साल के लिए वैलिड हैं. पांचवें साल के बाद इसे कभी भी बेचा जा सकता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए कैश, डिमांड ड्राफ्ट या फिर नेट बैंकिंग के माध्यम से पेमेंट किया जा सकता है. इस बॉन्ड को खरीदने के लिए कैश में सिर्फ 20 हजार रुपये तक का पेमेंट ही किया जा सकता है.
ऐसे कर सकते हैं स्कीम में इन्वेस्ट
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत कोई भी एक ग्राम सोना खरीदकर निवेश की शुरुआत कर सकता है. किसी एक वित्त वर्ष के दौरान सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में ज्यादा से ज्यादा 4 किलो सोना खरीदा जा सकता है. अविभाजित हिंदू परिवारों और ट्रस्टों के लिए ये लिमिट 20 किलो तय की गई है. सरकार की तरफ से ये बॉन्ड रिजर्व बैंक जारी करता है. इन्हें बैंकों (स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नॉमिनेटेड डाक घरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के माध्यम से खरीदा जा सकता है.