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कर्ज में डूबे श्रीलंका के सेंट्रल बैंक ने उठाया ये बड़ा कदम, क्या अब रुकेगी महंगाई?

Sri Lanka Crisis Latest Update: श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. इसी बीच देश के सेंट्रल बैंक ने एक अहम कदम उठाया है.

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श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है
श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्रीय बैंक ने डिपॉजिट रेट भी बढ़ाए
  • आर्थिक संकट के चलते देश में हो रहे प्रदर्शन

कर्ज के जाल में फंसे श्रीलंका के सेंट्रल बैंक ने शुक्रवार को ब्याज दरों में रिकॉर्ड सात फीसदी का इजाफा किया. सेंट्रल बैंक ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब देश की इकोनॉमी अभूतपूर्व संकट में है. द्विपीय देश के केंद्रीय बैंक ने देश की गिरती मुद्रा को सपोर्ट करने के लिए ये कदम उठाया है. 

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अब इतनी हो गई हैं ब्याज दरें

श्रीलंका के सेंट्रल बैंक ने एक्सचेंज रेट को स्थिरता प्रदान करने के लिए बेंचमार्क लेंडिंग रेट को बढ़ाकर 14.5 फीसदी कर दिया है. देश की करेंसी में एक महीने में 35 फीसदी की गिरावट के बीच श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने ये कदम उठाया है. 

डिपॉजिट रेट भी बढ़ा

द्विपीय देश के केंद्रीय बैंक ने डिपॉजिट रेट को सात फीसदी बढ़ाकर 13.5 फीसदी कर दिया है. सेंट्रल बैंक ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब इस तरह की रिपोर्ट्स आ रही हैं कि श्रीलंकाई करेंसी दुनिया में सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है. 

इस वजह से उठाया गया कदम

श्रीलंका के सेंट्रल बैंक ने कहा है कि रेट में यह जबरदस्त वृद्धि इस वजह से की गई है क्योंकि उसे लगता है कि देश में महंगाई और अधिक बढ़ सकती है जो पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है. अगर श्रीलंका के सेंट्रल बैंक द्वारा उठाए गए कदम से देश की करेंसी में स्टैबिलिटी आती है तो इससे आने वाले समय में देश के आर्थिक हालात में थोड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. 

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मार्च में इस स्तर पर रही महंगाई दर

कोलंबो कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स मार्च में 18.7 फीसदी पर रहा. वहीं, खाने-पीने के सामानों की महंगाई 25 फीसदी से ऊपर रही. प्राइवेट एनालिस्ट्स के मुताबिक मार्च में महंगाई दर 50 फीसदी से ज्यादा रही.

देश में हो रहे प्रदर्शन

देश में आर्थिक संकट की वजह से फूड, फ्यूल और इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई बाधित हो गई है. कई जरूरी सामानों की शॉर्टेज हो गई है. इसके चलते देशभर में लोग सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां तक कि लोग राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

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