शेयर बाजार में सोमवार को फिर कोहराम देखने को मिला. देखते ही देखते सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए और निवेशकों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex दिन के हाई लेवल से करीब 1200 अंक, वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 200 अंक से ज्यादा फिसल गया गया था.
हालांकि, बाजार बंद होते-होते दोनों इंडेक्स में गिरावट की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी. इसके बावजूद सेंसेक्स 547 अंक, तो निफ्टी 157 अंक की टूटकर बंद हुआ. तेज शुरुआत के बाद अचानक शेयर बाजार में इस तेज हुई गिरावट के बीच रिलायंस, टेक महिंद्रा, आईटीसी जैसे दिग्गज शेयर धड़ाम हो गए.
सेंसेक्स-निफ्टी फिसलते चले गए
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तूफानी तेजी के साथ हुई थी. बीएसई का सेंसेक्स खुलते ही 350 अंक की छलांग लगा गया था और एनएसई का निफ्टी करीब 100 अंक से अधिक चढ़कर कारोबार कर रहा था. लेकिन मार्केट ओपनिग के महज कुछ मिनट बाद सेंसेक्स-निफ्टी ऐसे फिसले की क्रैश होते ही चले गए. दोपहर 2.30 बजे के आसपास तो BSE Sensex 780 अंक टूटकर ट्रेड कर रहा था, जबकि इसमें आई गिरावट दिन के हाई लेवल 72,884 की तुलना में करीब 1200 अंकों की थी. ये इंडेक्स 71,676 पर ट्रेड कर रहा था. वहीं मार्केट क्लोज होने पर ये 547 अंक टूटकर 71,924 पर बंद हुआ.
बात एनएसई के 50 शेयरों वाले निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसमें भी सेंसेक्स के जैसे ही फिसलन देखने को मिली. अपने पिछले बंद 22,520 की तुलना में Nifty उछलकर 22,593 पर ओपन हुआ, लेकिन फिर इसकी रफ्तार पर ऐसा ब्रेक लगा कि देखते ही देखते ये 200 अंक के आसपास टूटकर 22,312 के लेवल पर आ गया था. आखिरी आधे घंटे के कारोबार में इसके गिरने की रफ्तार कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स 157 अंक फिसलकर 22,363 के लेवल पर क्लोज हुआ.
शेयर बाजार में भूचाल के तीन बड़े कारण
बात करें सोमवार को Share Market Crash होने के पीछे के बड़े कारणों के बारे में, तो इसमें पहला प्रॉफिट बुकिंग का बड़ा रोल देखने को मिला. बाजार में शुरुआती तेजी के बाद दिन के हाई लेवल पर जमकर मुनाफावसूली देखने को मिली, जो बाजार की चाल पर दबाव डालने वाली साबित हुई.
दूसरे कारण की बात करें, डॉलर इंडेक्स के 102 पर स्थिर रहने से उभरते बाजारों पर दबाव दिखा. बता दें Dollar Index और उभरते बाजारों के शेयरों से विपरीत संबंध है. इसके चलते एशियाई बाजार से सेंसेक्स-निफ्टी के लिए मिले-जुले संकेत मिल रहे थे. जहां हांगकांग का हैंगसेंग, ब्रिटेन का एफटीएसई-100 ग्रीन जोन में नजर आ रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई रेड जोन में लगातार ट्रेड करता दिखा. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स तो करीब 4 फीसदी टूट गया. इसके साथ विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला बीते सप्ताह की तरह जारी रही, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा.
शेयर बाजार में भूचाल और सेंटीमेंट खराब होने के पीछे Indian Stock Market के लिए डर का पैमाना माने जाने वाले प्रमुख संकेतक इंडिया वीआईएक्स में उछाल है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन India VIX में करीब 7% का उछाल आया और ये 15.50 के पार पहुंच गया, जो शेयर मार्केट में आने वाले उथल-पुथल को दर्शाता है.
ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये शेयर
बात करें, शेयर बाजार में मची इस तबाही के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों के बारे में, तो खबर लिखे जाने तक बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल ITC Share (3.23%), Tech Mahindra Share (3.10%), HUL Share (2.10%), SBI Share (1.78%), TCS Share (1.67%) और Reliance Share (1.01%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे.
मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Fortis Share (3.52%), Colpal Share (2.75%), Voltas Share (1.74%) गिरकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Asterdm Share (3.30%), WockPharma Share (1.71%) की गिरावट में रहे.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)