शेयर बाजार (Stock Market) ने बीते कारोबारी दिन सोमवार को बड़ी गिरावट देखी थी. दिनभर के कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1400 अंक तक टूट गया था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 450 अंकों से ज्यादा फिसला था. बात सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार की करें, तो आज भी कमजोर ग्लोबल संकेत नजर आ रहे हैं और गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी लाल निशान पर दिखाई दे रहा है.
कल बाजार में आया था भूचाल
सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बीच BSE Sensex मार्केट बंद होने पर 941.88 अंक टूटकर 78,782.24 पर क्लोज हुआ था. 79,713.14 पर खुलने के बाद इसने दिनभर लाल निशान पर कारोबार किया और अंत में बुरी तरह फिसलकर बंद हुआ. दूसरी ओर NSE Nifty 309 अंक की बड़ी गिरावट लेकर 23,995.35 के स्तर पर बंद हुआ था.
आज क्या संकेत दे रहे इंडिकेट्स?
कल बाजार में आए भूचाल का असर आज भी सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिल सकता है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि ग्लोबल संकेत ऐसा इशारा कर रहा है. दरअसल, भारतीय बाजार के लिए अच्छे संकेत नजर नहीं आ रहे हैं और गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) 50 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दे रहा है. इसके अलावा क्रूड के भाव में भी करीब 3 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. तो वहीं विदेशी निवेशकों की बिकवाली का डर बना हुआ है.
इसके अलावा अमेरिकी बाजारों (US Share Markets) में दबाव बना हुआ है, जिसका असर भारतीय बाजार पर फिर दिख सकता है. विदेशी बाजारों की स्थिति पर नजर डालें, तो अमेरिका का डाउ जोंस (Dow Jones) और S&P500 दोनों लाल निशान पर बंद हुए थे.
निवेशकों को लगी थी बड़ी चपत
बीते कारोबारी दिन शेयर बाजार में आई गिरावट के बीच Stock Market Investors को बड़ी चपत लगी थी और उनकी गाढ़ी कमाई स्वाहा हो गई थी. दरअसल, बाजार में आई गिरावट के साथ ही BSE मार्केट कैप में कमी देखने को मिली. बीएसई मार्केट कैप बीते शुक्रवार की तुलना में 6.08 लाख करोड़ रुपये घटकर 442 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी निवेशकों के वैल्यूवेशन में 6 घंटे के मार्केट के दौरान 6 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है.
गिरावट से ये बड़े कारण!
अगर शेयर बाजार में गिरावट के बड़े कारणों की बात करें, तो अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव, FII की बिकवाली तो है ही. इसके अलावा 7 नवंबर को फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक होने वाली है, इसमें लिए जाने वाले फैसलों पर भी बाजार की निगाहें हैं. अन्य कारणों की बात करें, तो ओपेक+ द्वारा रविवार को यह घोषणा किए जाने के बाद कि वह कमजोर मांग और समूह के बाहर बढ़ती आपूर्ति के कारण दिसंबर में उत्पादन में वृद्धि की योजना को एक महीने के लिए टाल देगा. इससे तेल के दाम में उछाल देखा जा रहा है. इसके चलते रिलायंस समेत Oil Sector की बड़ी कंपनियों के शेयरों पर असर दिखा है. इस हफ्ते ग्लोबल बाजारों की चाल अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव और फेड बैठक से तय होगी.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)