Swiggy IPO को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला है. आखिरी दिन तक स्विगी आईपीओ को 3.58 गुना सब्सक्राइब किया गया था. वहीं रिटेल निवेशकों ने इस IPO को 1.10 गुना सब्सक्राइब किया है. जबकि QIB ने 6.02 गुना और हाई नेटवर्थ वाले निवेशकों ने इस आईपीओ को 40 फीसदी की सब्सक्राइब किया है. कुल मिलाकर स्विगी आईपीओ को उतना अच्छा निवेशकों का रिस्पॉन्स नहीं मिला है, जितनी की उम्मीद थी. इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन हम आपको तीन प्रमुख वजह के बारे में बता रहे हैं.
Swiggy का IPO 6 नवंबर को खुला और 8 नवंबर को बंद हो गया था. जिसकी कुल साइज 11,327.43 करोड़ रुपये है. फ्रेश इश्यू के जरिए 11.54 करोड़ शेयर बेचे गए हैं. वहीं ऑफर फॉर सेल के जरिए 17.51 करोड़ शेयर रखे गए थे. इसके शेयरों का अलॉटमेंट 11 नवंबर को होगा और स्विगी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 13 नवंबर को होगी.
एक लॉट के लिए ₹14,820 करना था निवेश
स्विगी आईपीओ के प्राइस बैंड की बात करें तो यह ₹371 से ₹390 प्रति शेयर तय किया गया है. Swiggy आईपीओ के एक लॉट में 38 शेयरों को रखा गया है, जिसमें कम से कम रिटेल इन्वेस्टर्स को ₹14,820 का निवेश करना होगा. स्विगी के कर्मचारियों के लिए 750,000 शेयर रिजर्व रखे गए हैं और उन्हें हर शेयर पर 25 रुपये के छूट दी गई है.
सिर्फ 1 रुपये GMP
स्विगी के आईपीओ के जीएमपी यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम की बात करें तो यह सिर्फ 1 रुपये प्रति शेयर है. जो कल तक 2 रुपये था. यानी जीएमपी फ्लैट लिस्टिंग का संकेत दे रहा है.
क्यों निवेशकों को पसंद नहीं आ रहा ये आईपीओ?
1. कंपनी पर कर्ज बहुत: कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है, जिससे ग्रोथ को लेकर निवेशक उत्साहित नहीं है.
2. लॉस मेकिंग कंपनी: Swiggy कंपनी अभी तक मुनाफे का स्वाद नहीं चख पाई है. कंपनी लगातार नुकसान में चल रही है. हालांकि वन टाइम गेन की वजह से पिछली दिनों कंपनी एक बार मुनाफे में आई थी
3. Zomato से टक्कर: Swiggy के मुकाबले Zomato का बड़ा बिजनेस है और कंपनी लगातार प्रॉफिट बना रही है. blinkit खरीदने के बाद से Zomato का कारोबार में तेजी से सुधार आया है.
Zomato को मिला था तगड़ा रिस्पॉन्स
Zomato का आईपीओ 14 जुलाई 2021 को आया था और 16 जुलाई 2021 को क्लोज हो गया था. इसके शेयरों की लिस्टिंग 23 जुलाई 2021 को हुई थी. आईपीओ के दौरान इस आईपीओ का प्राइस बैंड 76 रुपये था और लिस्टिंग 116 रुपये पर हुई थी. वहीं निवेशकों ने इस आईपीओ को जमकर सब्सक्राइब किया था. यह कुल 38.25 गुना भरा था, जिसमें रिटेल इन्वेस्टर्स ने 7.45 गुना, क्यूआईबी ने 51.79 गुना और एचएनआई ने 32.96 गुना सब्सक्राइब किया था.
(नोट- किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)